बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
= पारदर्शिता और परिणाम दोनों जरूरी: ठाकुर =
कोंटा। जिला पंचायत सुकमा के सीईओ मुकुंद ठाकुर ने बुधवार को कोंटा जनपद पंचायत कार्यालय का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक व्यवस्था और योजनाओं की जमीनी स्थिति का विस्तृत जायजा लिया। सीईओ के अचानक दौरे से कार्यालय में हलचल तेज रही और सभी शाखाओं में दस्तावेज़ों व प्रगति रिपोर्ट की गहन समीक्षा की गई।
निरीक्षण के दौरान सीईओ श्री ठाकुर जनपद ने पंचायत की सभी शाखाओं में पहुंचकर योजनाओं और कार्यों का बारीकी से आकलन किया। कंप्यूटर कक्ष, रिकॉर्ड रूम, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम बिहान), स्वच्छ भारत मिशन, बैंक सखी, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) तथा पेंशन शाखा सहित अन्य विभागों का अवलोकन किया गया। इस दौरान कार्यालय में साफ-सफाई, फर्नीचर व्यवस्था और रिकॉर्ड संधारण को लेकर भी आवश्यक निर्देश दिए गए।सीईओ ने अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति, हितग्राहियों को मिल रहे लाभ और लंबित प्रकरणों की अद्यतन जानकारी मांगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप हर पात्र व्यक्ति तक योजना का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचना चाहिए। विशेष रूप से मनरेगा के भुगतान मामलों में उन्होंने नकद भुगतान की बजाय बैंक खातों के माध्यम से राशि अंतरण पर जोर दिया, ताकि लेन-देन में पारदर्शिता बनी रहे और वास्तविक हितग्राहियों को ही लाभ मिल सके। सीईओ ने कहा कि जिले की समन्वित टीम आवास, स्वच्छ भारत मिशन, बिहान और मनरेगा से जुड़े अधिकारी मैदान स्तर पर लगातार सक्रिय हैं। उन्होंने बताया कि लंबित भुगतान के मामलों को प्राथमिकता से निपटाया जा रहा है और अधिकांश राशि शीघ्र हितग्राहियों के खातों में ट्रांसफर करने की प्रक्रिया जारी है। पलायन अथवा मृत्यु जैसे विशेष प्रकरणों में नियमानुसार ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के संदर्भ में उन्होंने कहा कि पात्र परिवारों को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने और अपात्र नामों को दावा आपत्ति के बाद सूची से अलग करने की प्रक्रिया जारी है। वहीं स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण और स्वीकृतियों को गति देने के निर्देश दिए गए, ताकि सभी गांवों में स्वच्छता का लक्ष्य समय पर प्राप्त हो सके। बिहान, एनआरएलएम के माध्यम से महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त करने और बैंक सखी जैसी पहलों को मजबूती देने पर भी जोर दिया गया। सीईओ ने कहा कि कोंटा जनपद जिला प्रशासन की प्राथमिकता में शीर्ष पर है और कलेक्टर के मार्गदर्शन में लगातार भ्रमण, निगरानी और समीक्षा बैठकों के जरिए अधिकारियों और कर्मचारियों को सक्रिय रखा जा रहा है। कई ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन, सामुदायिक भवन, स्कूल, आंगनबाड़ी और पीडीएस भवन जैसे निर्माण कार्य प्रगति पर हैं, जिन्हें निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। निरीक्षण के अंत में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि अब केवल स्वीकृतियों पर नहीं, बल्कि जमीनी परिणाम और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर फोकस जरूरी है। योजनाओं की गति, पारदर्शिता और जवाबदेही इन्हीं तीन आधारों पर विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि आम नागरिकों को सीधा और ठोस लाभ मिले।











