Home चर्चा में भरतपुर जनपद के च्यूल पंचायत में भ्रष्टाचार का खुला खेल, कागजों में...

भरतपुर जनपद के च्यूल पंचायत में भ्रष्टाचार का खुला खेल, कागजों में विकास, जमीन पर सन्नाटा, कमियां अवगत कराने के बाद भी प्रशासन मौन

29
0

 मनेन्द्रगढ़ संवाददाता – हनुमान प्रसाद यादव

एमसीबी: भरतपुर जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत च्यूल में प्राथमिक शाला पटासी अतिरिक्त कक्ष भवन निर्माण कार्य सुरु से ही गड़बड़ झाला करते हुए भवन का निर्माण कराया जाता रहा शिकायत के बावजूद टालमटोल कर भवन का निर्माण कराया गया, कार्यवाही नहीं होने पर संबंधित एजेंसी करता रह गया मनमानी ढंग से अपना कार्य ,उक्त भवन की जब छत ढलाई का कार्य प्रारंभ किया गया उसमें सरिया के चोरी करते हुए मानक माप डंडों के आधार पर सरिया नहीं लगाया गया जिससे भवन की छत कमजोर, देश के भविष्य कहे जाने वाले नन्हे बच्चों की जान के साथ खिलवाड़, इसकी जानकारी सीईओ भरतपुर आरईएस एसडीओ भरतपुर एवं इंजीनियर को भी उक्त जानकारी अवगत कराया गया, परंतु उस पर ध्यान न करते हुए ना तो जांच की गई ना ही कोई कार्रवाई, उस पर डर किनार कर दिया गया और गलत मापदंडों के आधार पर छत की ढलाई कार्य पूर्ण कर ली गई। कोई कार्यवाही नहीं की गई जिससे भवन किसी बड़ी अनहोनी का संकेत दे रही है क्योंकि उस छत के नीचे कई नोनीहालों की जिंदगी देश की भविष्य संवारने के लिए बैठेगी। जब देश के भविष्य ही सुरक्षित नहीं तो ऐसे जिम्मेदारों की इस देश में क्या जरूरत है जो अपने दायित्व पर ही खरा ना उतर सके। जिम्मेदारों की लापरवाही से ही आज भी बच्चे जर्जर भवन के नीचे अपने जिंदगी दांव में रखकर पढ़ने को मजबूर हैं। नई भवन से बच्चों की बैठने की सुविधा एवं शिक्षा ग्रहण करने का एक अच्छा स्थान बनेगा। लेकिन इसे जिम्मेदारों ने मौत का जाल बिछा कर भवन की ढलाई कर दी गई।जानकारी मिलने के बावजूद उच्च अधिकारी आज तक इस विषय में कोई संज्ञान नहीं लिया गया। क्या किसी अनहोनी के बाद ही जागेगा सिस्टम, घटना के इंतजार में प्रशासन बच्चों की जान दांव पर, गड़बड़ी देखकर भी बच्चों की जान जोखिम में और प्रशासन गहरी नींद में।

सिर्फ कागजों में खानापूर्ति और आश्वासनों की बरसात

ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय अधिकारी जमीनी हकीकत में आंखें मूंदे हुए हैं, खुलेआम बढ़ते भ्रष्टाचार को रोक लगाने में प्रशासनिक उदासीनता का खुला प्रमाण है। समय रहते ठोस कदम नहीं उठाया गया, और किसी अप्रिय घटना घटती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और विभाग की होगी।

आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन को दी चेतावनी

ग्रामीणों का कहना है कि विभाग सिर्फ कागजी झूठे कार्रवाई एवं खोखले आश्वासन दे रहा है। यदि भवन की जांच कार्यवाही नहीं की जाती है तो समस्त ग्रामीण जन विभागीय कार्यालय का घेराव करेंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here