बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
= प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा भोगने मजबूर हैं ग्रामीण =
बकावंड। बस्तर जिले की जनपद पंचायत बकावंड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत सतोषा के गौराबहार पारा क्षेत्र से प्रशासनिक लापरवाही की बड़ी पीड़ादायक तस्वीर सामने आई है। यहां लगा सोलर डबल पंप पिछले दो वर्षों से खराब पड़ा है, जिसके कारण पूरे इलाके में जलापूर्ति पूरी तरह ठप हो चुकी है। गांव के लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। हालात इतने बदतर हैं कि ग्रामीणों को रोजाना करीब 2 किलोमीटर दूर जाकर पानी ढोना पड़ रहा है। महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे सिर पर मटके रखकर तपती धूप में पानी लाने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन और संबंधित विभाग को लिखित व मौखिक शिकायतें दीं, लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी पंप की मरम्मत नहीं कराई गई। सवाल यह उठता है कि जब सरकार गांव-गांव तक जल सुविधा पहुंचाने के दावे कर रही है, तो यहां के लोगों को मूलभूत सुविधा से क्यों वंचित रखा गया है? अब जबकि गर्मी का मौसम सिर पर है, तब जल संकट के हालात और भी भयावह होने वाले हैं। यदि जल्द मरम्मत नहीं हुई, तो क्षेत्र में गंभीर जल संकट और स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में ये सवाल उठना लाजिमी हैं कि क्या ग्रामीणों की पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं? क्या जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहे हैं?









