जिला जांजगीर-चांपा /रायपुर।
छत्तीसगढ़ में इस वर्ष रबी फसल को लेकर किसानों के बीच उत्साह का वातावरण देखने को मिल रहा है। राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और कृषि संसाधनों की समय पर उपलब्धता के कारण खेतों में नई उम्मीदें अंकुरित हो रही हैं। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता इंजि. रवि पाण्डेय ने कहा कि सरकार के सतत प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है।
इंजी. पाण्डेय ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा किसानों को उन्नत बीज, खाद और कृषि उपकरण समय पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कृषि विभाग द्वारा आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धति से खेती के लिए प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन दिया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप रबी फसलों की बुवाई क्षेत्र में वृद्धि दर्ज की गई है तथा किसानों का रुझान गेहूं के साथ-साथ दलहन और तिलहन फसलों की ओर भी बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया है। नहरों की मरम्मत, तालाबों का जीर्णोद्धार और सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं के विस्तार से अंतिम छोर तक के खेतों को पानी उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कार्य हुए हैं। इससे किसानों को रबी फसल लेने में सहूलियत मिल रही है और उत्पादन की संभावनाएं बढ़ी हैं।
इंजी. पाण्डेय ने यह भी कहा कि फसल बीमा योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है, जिससे प्राकृतिक आपदा की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिलती है। इससे खेती में जोखिम कम हुआ है और किसान अधिक आत्मविश्वास के साथ खेती कर पा रहे हैं।
उन्होंने आगे बताया कि किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने के उद्देश्य से विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों में फसल प्रबंधन, उर्वरक संतुलन, जल संरक्षण एवं जैविक खेती जैसे विषयों पर विशेष मार्गदर्शन दिया जा रहा है। इससे उत्पादन लागत में कमी और उपज में वृद्धि की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।
अंत में इंजि. रवि पाण्डेय ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि मौसम अनुकूल रहा तो इस वर्ष रबी फसल किसानों के लिए बेहतर उत्पादन और आय का नया अध्याय साबित होगी। राज्य सरकार के प्रयासों से छत्तीसगढ़ का कृषि क्षेत्र सशक्त हो रहा है और किसान समृद्धि की ओर अग्रसर हैं।









