छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना पश्चात भारतीय जनता पार्टी ने स्थानीय व्यक्तियों को राज्य सभा के लिए नामांकित किया है तथा आज भी हमेशा की तरह भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व ने श्रीमती लक्ष्मी वर्मा को राज्यसभा सदस्य के चुनाव में अपना प्रत्याशी घोषित कर स्थानीय लोगों के अधिकार का सम्मान ही किया है तो वहीं कांग्रेस ने मोहसिना किदवई, के टी एस तुलसी, रंजीत रंजन आदि अन्य प्रदेश के नेताओं को राज्यसभा सदस्य हेतु नामांकित कर कई बार स्थानीय कार्यकर्ताओं के हक के साथ कुठाराघात किया है इन परिस्थितियों में भारतीय जनता पार्टी के द्वारा श्रीमती लक्ष्मी वर्मा को राज्यसभा सदस्य के प्रत्याशी के रूप नामांकित किए जाने को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में हर्ष व्याप्त होने के साथ ही आम प्रदेशवासियों ने भी प्रसन्नता व्यक्त किया है। इस दरमियान उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय पटेल ने श्रीमती लक्ष्मी वर्मा को राज्यसभा हेतु प्रत्याशी घोषित किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी का यह कदम स्वागतेय है तथा इससे कार्यकर्ताओं का मनोबल के साथ पार्टी के प्रति समर्पण भाव बढ़ता है।
विदित हो कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के साथ ही भारतीय जनता पार्टी ने स्थानीय नेता लखीराम अग्रवाल +1996- 2002) दिलीप सिंह जूदेव (1998- 2004) भूषणलाल जांगड़े (2012- 2018) रणविजय सिंह (2014- 2020) रामविचार नेताम (2016 – 2022) सरोज पांडे (2018- 2024) नंदकुमार साय (2009- 2010-2016) शिवप्रताप सिंह (2008-2014)गोपाल व्यास (2006- 2012) को राज्य सभा में छत्तीसगढ़ की आवाज बनाकर भेजा और इसी क्रम में आज श्रीमती लक्ष्मी वर्मा को प्रत्याशी घोषित कर प्रदेश की जनता को सुखद संदेश दिया है। अब प्रतीक्षा है कांग्रेस हाई कमांड के आदेश का, जो कुछ भी सकता है क्योंकि कांग्रेस ने कई बार प्रदेश के बाहर से लोगों छत्तीसगढ़ कोटे से राज्यसभा भेजा है जिनका आम छत्तीसगढ़िया को दर्शन भी दुर्लभ रहा है…









