पद्मश्री व राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित कल्पना मिश्रा का प्रेरणादायी सफर

कोरबा। महिलाओं की उपलब्धियों और उनके सामाजिक योगदान को सम्मानित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “News36garh महिला सम्मान अभियान” के तहत कोरबा की प्रतिष्ठित शिक्षिका एवं समाजसेवी श्रीमती कल्पना मिश्रा के कार्यों को विशेष रूप से सराहा जा रहा है। शिक्षा और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री सम्मान, राष्ट्रपति पुरस्कार और छत्तीसगढ़ राज्यपाल पुरस्कार जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से भी नवाजा जा चुका है।
सम्मान, शिक्षा और समाज सेवा में निभा रहीं प्रेरणादायी भूमिका
वर्तमान में श्रीमती कल्पना मिश्रा एसईसीएल बीकन स्कूल में शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं और साथ ही पीएनडीटी समिति, कोरबा की सदस्य के रूप में भी अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने दो दशकों से अधिक समय तक निरंतर सेवा देते हुए हजारों विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

श्रीमती मिश्रा ने शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों को भी हमेशा प्राथमिकता दी है। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उन्होंने वृक्षारोपण और पर्यावरण बचाने से जुड़े कई अभियान चलाए। इसके अलावा एसईसीएल में अंकुर स्कूल की स्थापना में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिससे कई बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला।
समाज सेवा के क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय है। उन्होंने वृद्धाश्रमों की सहायता करने और कुष्ठ आश्रम के निर्माण में सहयोग जैसे कई मानवीय कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाई है। गरीब और वंचित बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए उन्होंने लगातार प्रयास किए, जिसके परिणामस्वरूप कई बच्चे आज समाज में अच्छे पदों पर कार्यरत हैं।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से उन्होंने “सावन फंक्शन” पहल की शुरुआत की, जिसके माध्यम से महिलाओं को सिलाई मशीन और अन्य संसाधन उपलब्ध कराए गए, ताकि वे आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें। उनके इस प्रयास से कई महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता का मार्ग मिला।

कोरोना महामारी के कठिन दौर में भी श्रीमती कल्पना मिश्रा ने समाज की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके लिए उन्हें “बेस्ट कोरोना वॉरियर अवॉर्ड” से सम्मानित किया गया। इसके अलावा उन्होंने जेल में बंद महिलाओं के पुनर्वास और उनके कल्याण के लिए भी कार्य किया, जिससे उन्हें समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर मिल सके।
“असमियों छत्तीसगढ़ महिला सम्मान अभियान” के तहत श्रीमती कल्पना मिश्रा जैसी प्रेरणादायी महिलाओं की कहानियों को सामने लाना समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है। शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और समाज सेवा के क्षेत्र में उनका समर्पण महिलाओं के सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण है।








