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छोटे से आदिवासी गांव से यूपीएससी तक — बीजापुर के अंकित सकनी बने युवाओं के लिए प्रेरणा

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बीजापुर संवाददाता – पुकार बाफना 

बीजापुर, 09 मार्च 2026/ छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के भैरमगढ़ विकासखंड के छोटे से ग्राम गुदमा के युवा अंकित सकनी ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 816वीं रैंक प्राप्त कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे बस्तर संभाग और प्रदेश का नाम रोशन किया है। सीमित संसाधनों और दूरस्थ क्षेत्र में रहते हुए अंकित ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प से यह सिद्ध कर दिया कि मजबूत इरादों के सामने परिस्थितियां कभी बाधा नहीं बनतीं।

मुख्यमंत्री ने दी बधाई और सराहा संघर्ष

अंकित की इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वीडियो कॉल के माध्यम से उनसे और उनके माता-पिता से बातचीत कर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बीजापुर जैसे दूरस्थ और आदिवासी अंचल के छोटे से गांव गुदमा से निकलकर यूपीएससी जैसी देश की सबसे कठिन परीक्षा में सफलता हासिल करना अत्यंत प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि अंकित की सफलता प्रदेश के युवाओं के लिए एक मिसाल है और यह दिखाती है कि कठिन परिश्रम और निरंतर प्रयास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

कलेक्टर, एसपी और सीईओ जिला पंचायत ने किया सम्मान

बीजापुर स्थित सेन्ट्रल लाईब्रेरी में आयोजित सम्मान समारोह में कलेक्टर श्री संबित मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव तथा जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नम्रता चौबे ने अंकित सकनी का सम्मान किया। कलेक्टर श्री संबित मिश्रा ने कहा कि अंकित की सफलता बीजापुर जिले के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि अंकित की मेहनत, लगन और आत्मविश्वास ने उन्हें यह मुकाम दिलाया है। वहीं पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव और सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे ने भी अंकित के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

सरकारी योजनाओं से मिली शिक्षा और प्रोत्साहन

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित युवाओं ने अंकित से पढ़ाई और सफलता से जुड़ी कई जिज्ञासाएं साझा कीं। अंकित ने बताया कि उन्होंने जवाहर उत्कर्ष योजना के अंतर्गत कक्षा 6वीं से 12वीं तक की पढ़ाई बेमेतरा के अलायंस स्कूल में की। इसके बाद उन्होंने भिलाई से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने यह भी बताया कि यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने पर उन्हें युवा कैरियर योजना के तहत एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई, जिससे उनकी तैयारी को और मजबूती मिली।

युवाओं को दिया सफलता का मूलमंत्र

अंकित ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि यदि विद्यार्थी सरकारी योजनाओं का सही उपयोग करें और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहें तो सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने सभी युवाओं को स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर अंकित के माता-पिता श्रीमती जमुना सकनी और श्री सकनी चंद्रैया ने जिला प्रशासन द्वारा आयोजित सम्मान कार्यक्रम के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि उन्हें अपने बेटे की उपलब्धि पर गर्व है।
अंकित सकनी की यह सफलता न केवल बीजापुर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उनके संघर्ष और उपलब्धि की कहानी यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य बड़ा हो और मेहनत सच्ची हो तो दूरस्थ गांव से निकलकर भी देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल की जा सकती है।

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