यूसुफ खान/बलरामपुर –
अंबिकापुर से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक आत्मसमर्पित एरिया नक्सली कमांडर ने सरकारी व्यवस्था और आर्थिक दबाव से परेशान होकर बड़ा बयान दिया है।
बताया जा रहा है कि संबंधित व्यक्ति ने 26 फरवरी 2021 को पुलिस अधीक्षक के सामने आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद उसने सामान्य जीवन शुरू करने की कोशिश की और सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर अपना घर बनाने का प्रयास किया।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाया मकान
आत्मसमर्पित नक्सली कमांडर ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कर्ज लेकर मकान का निर्माण कराया। लेकिन घर बनाने के दौरान निर्माण सामग्री देने वाले व्यापारियों का भुगतान बाकी रह गया।
अब व्यापारी लगातार अपने पैसे की मांग कर रहे हैं और उन पर दबाव बना रहे हैं। इसी आर्थिक दबाव के कारण वह मानसिक रूप से काफी परेशान हो गया है।
सरकारी सहायता न मिलने से बढ़ी परेशानी
आत्मसमर्पण के बाद सरकार द्वारा दी जाने वाली नक्सली पुनर्वास नीति का पूरा लाभ अभी तक नहीं मिलने का भी उसने आरोप लगाया है। इसी समस्या को लेकर वह अपनी शिकायत और परेशानी लेकर अंबिकापुर पहुंचा।
उसका कहना है कि अगर जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उसे मजबूरी में फिर से अपना घर छोड़ना पड़ सकता है।
दिया बड़ा बयान
व्यापारियों के दबाव और आर्थिक संकट से परेशान होकर उसने कहा कि अगर यही हालात बने रहे तो उसके सामने दो ही रास्ते बचेंगे—या तो वह घर छोड़कर कहीं और चला जाए या फिर परिवार के साथ मिलकर कोई कठोर कदम उठाने को मजबूर हो जाए।
यह मामला सामने आने के बाद प्रशासन और सरकार की पुनर्वास योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।







