-विवेकानंद के जीवन, विचार और आदर्श के प्रति जागरूकता आवश्यक…अधिवक्ता चितरंजय
राष्ट्रीय युवा दिवस एक औपचारिक दिवस न होकर स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को स्मरण कर उन्हें आत्मसात करने का अवसर है, जिससे भावी पीढ़ी में राष्ट्र के प्रति स्वाभिमान जागृत हो तथा भारत विश्व गुरु के रूप में स्थापित हो सके, यह उद्गार व्यक्त करते हुए अशासकीय विद्यालय प्रबंधक कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय ने कहा कि युवा दिवस के महत्व और उद्देश्य के साथ स्वामी विवेकानंद के जीवन, विचार और आदर्श के प्रति बच्चों की जागरूकता आवश्यक है।
आज युवा दिवस पर स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर पुष्पांजलि अर्पित की गई तथा उनके आदर्श वाक्य; उठो, जागो और तब तक नहीं रुको, जब तक लक्ष्य न प्राप्त हो जाए… का वाचन करते हुए उसे जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया।







