कोरबा।
कोरबा कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत मानिकपुर पुलिस चौकी द्वारा क्षेत्र में जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से उरांव मोहल्ला, मानिकपुर में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व मानिकपुर चौकी प्रभारी परमेश्वर राठौर ने किया।
कार्यक्रम के दौरान चौकी प्रभारी परमेश्वर राठौर ने वहां उपस्थित महिलाओं, पुरुषों और बच्चों को नशा उन्मूलन, यातायात नियमों, साइबर अपराध और सामाजिक अपराधों से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताते हुए कहा कि नशा समाज और परिवार दोनों के लिए गंभीर समस्या बनता जा रहा है, इसलिए इससे दूर रहना और दूसरों को भी जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर पुलिस टीम ने नागरिकों को बताया कि नशे की लत से अपराध और घरेलू हिंसा जैसी घटनाएं बढ़ती हैं, जिससे समाज की शांति और सुरक्षा प्रभावित होती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि उनके आसपास कहीं भी अवैध शराब या नशीले पदार्थों की गतिविधियां दिखाई दें तो तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

इसके साथ ही कार्यक्रम में यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। चौकी प्रभारी ने कहा कि सड़क पर सुरक्षित रहने के लिए हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना, वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग न करना और ट्रैफिक नियमों का पालन करना अत्यंत जरूरी है। उन्होंने बताया कि छोटे-छोटे नियमों का पालन करने से बड़ी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान साइबर अपराधों के प्रति भी लोगों को सतर्क किया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान समय में ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने, ओटीपी साझा करने या बैंकिंग से जुड़ी निजी जानकारी किसी के साथ साझा करने से बचना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी की घटना होती है तो तुरंत पुलिस को सूचना देकर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।

चौकी प्रभारी परमेश्वर राठौर ने यह भी बताया कि पुलिस का उद्देश्य केवल अपराधियों पर कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि समाज को जागरूक कर अपराधों की रोकथाम करना भी है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को कानून, सुरक्षा और जिम्मेदार नागरिकता के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने पुलिस के इस प्रयास की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की, ताकि समाज में जागरूकता बढ़े और अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।







