बलरामपुर संवाददाता युसूफ खान
पहले ही 9 आरोपी जा चुके हैं जेल, करोड़ों की अफीम जब्ती मामले में पुलिस की एंड-टू-एंड जांच से खुला पूरा नेटवर्क
गया (बिहार) और चतरा (झारखंड) से दबिश देकर पकड़े गए दोनों आरोपी, बलरामपुर पुलिस ने घेराबंदी कर किया गिरफ्तार
बलरामपुर।
अवैध मादक पदार्थ अफीम की खेती के मामले में बलरामपुर पुलिस को एंड टू एंड विवेचना कार्यवाही में बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने इस मामले में बिहार राज्य के गया और झारखंड राज्य के चतरा से दो सरगना आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस प्रकरण में इससे पहले 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा चुका है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार प्रकरण की एंड टू एंड विवेचना एवं टैक्निकल साक्ष्यों के आधार पर बलरामपुर पुलिस की कई टीमें झारखंड और बिहार के संभावित स्थानों पर लगातार दबिश दे रही थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा एवं पुलिस अधीक्षक बलरामपुर द्वारा लगातार पुलिस टीमों की मॉनिटरिंग की जा रही थी।

बताया गया कि थाना कुसमी अपराध क्रमांक 26/2026 धारा 8,18 एनडीपीएस एक्ट के तहत आरोपी पैरू सिंह भोक्ता पिता मटूक सिंह भोक्ता, उम्र 35 वर्ष, निवासी सोमिया, थाना बाराचट्टी, जिला गया (बिहार) तथा थाना कोरंधा अपराध क्रमांक 04/2026 धारा 8,18 एनडीपीएस एक्ट के तहत आरोपी भूपेन्द्र उरांव उर्फ भूपेन्दरा उरांव पिता भुनेश्वर उरांव, उम्र 38 वर्ष, निवासी ग्राम चाया, पोस्ट कुन्दा, पंचायत बोधाडीह, जिला चतरा (झारखंड) को गिरफ्तार किया गया है।
मामले का संक्षिप्त विवरण यह है कि पूर्व में थाना कुसमी क्षेत्र के ग्राम त्रिपुरी घोसराडांड़ एवं थाना कोरंधा क्षेत्र के ग्राम तुर्रीपानी खजूरी में अवैध मादक पदार्थ अफीम की खेती किए जाने की सूचना पर बलरामपुर पुलिस द्वारा प्रशासन, एफएसएल और अन्य संयुक्त टीमों के साथ कार्रवाई की गई थी। कार्रवाई के दौरान खेतों में अवैध रूप से लगी अफीम की फसल पाई गई।

इस दौरान ग्राम त्रिपुरी से कुल 4344.569 किलोग्राम अफीम, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 4 करोड़ 75 लाख रुपये बताई गई है, तथा ग्राम तुर्रीपानी खजूरी से कुल 1883.76 किलोग्राम अफीम, जिसकी कीमत करीब 2 करोड़ रुपये आंकी गई है, जप्त की गई थी। इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत विधिवत कार्रवाई करते हुए दोनों प्रकरणों में कुल 09 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा एवं पुलिस अधीक्षक बलरामपुर के निर्देश पर प्रमुख आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमों का गठन किया गया था। पुलिस टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बिहार और झारखंड के कई संभावित स्थानों पर लगातार दबिश दी।
इसी दौरान थाना कुसमी प्रकरण के सरगना पैरू सिंह भोक्ता को उसके निवास स्थान जिला गया (बिहार) से तथा थाना कोरंधा प्रकरण के सरगना भूपेन्द्र उरांव उर्फ भूपेन्दरा उरांव को उसके गांव चाया, जिला चतरा (झारखंड) से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर छत्तीसगढ़ लाया गया है।
दोनों आरोपियों के विरुद्ध पर्याप्त अपराध के साक्ष्य पाए जाने पर उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया जा रहा है।







