सक्ती
नवगठित सक्ती जिले में अब तक एक भी सरकारी फिजियोथेरेपी विभाग की स्थापना नहीं हो पाई है, जिससे जिले के सैकड़ों गांवों के मरीजों को इलाज के लिए अन्य जिलों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
इस गंभीर समस्या को “मेरा जिला, मेरी समस्या – मेरा समाधान” अभियान के तहत सक्ती निवासी नवरत्न पटेल ने प्रमुखता से उठाया है।
नवरत्न पटेल द्वारा छत्तीसगढ़ शासन को लिखित आवेदन के माध्यम से जिले में आधुनिक एवं आवश्यक उपकरणों से सुसज्जित फिजियोथेरेपी विभाग की स्थापना तथा योग्य फिजियोथेरेपिस्ट की भर्ती शुरू किए जाने की मांग की गई है।
450 से अधिक गांव प्रभावित
सक्ती जिले के अंतर्गत 300 से अधिक ग्राम पंचायत और 450 से ज्यादा गांव आते हैं। इतने बड़े ग्रामीण क्षेत्र में फिजियोथेरेपी जैसी जरूरी स्वास्थ्य सुविधा का अभाव मरीजों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है, खासकर बुजुर्गों, दुर्घटना पीड़ितों और लकवा (पैरालिसिस) के मरीजों के लिए।
शासन का जवाब – रोस्टर के बाद होगी कार्रवाई
शासन की ओर से आवेदन के जवाब में बताया गया है कि जिले के छोटे होने और आरक्षण रोस्टर तैयार नहीं होने के कारण फिलहाल पदस्थापना संभव नहीं हो सकी है। हालांकि, यह आश्वासन दिया गया है कि जैसे ही रोस्टर तैयार होगा, विभाग की स्थापना और भर्ती प्रक्रिया पर कार्रवाई शुरू की जाएगी।
जनप्रतिनिधियों से भी लगाई गुहार
इस महत्वपूर्ण मुद्दे के समाधान के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी हस्तक्षेप की मांग की गई है, ताकि जल्द से जल्द सक्ती सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में फिजियोथेरेपी विभाग की स्थापना हो सके।
जनहित से जुड़ा बड़ा सवाल
स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के दावे के बीच यह सवाल उठता है कि आखिर नवगठित जिले में इतनी बुनियादी सुविधा अब तक क्यों नहीं उपलब्ध कराई गई? क्या मरीजों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा, या प्रशासन जल्द इस दिशा में ठोस कदम उठाएगा?
News36garh का “मेरा जिला, मेरी समस्या – मेरा समाधान” अभियान ऐसे ही जमीनी मुद्दों को सामने लाकर समाधान की दिशा में पहल कर रहा है।







