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केंद्र सरकार ने अवैध जुआ और सट्टेबाजी वेबसाइट्स पर कसा शिकंजा – 8400 से अधिक प्लेटफॉर्म को किया ब्लॉक

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केंद्र सरकार ने अवैध जुएबाजी और सट्टेबाजी वेबसाइटों पर सख्ती दिखाते हुए उन पर शिकंजा कसा है। सरकार ने 300 ऐसी अवैध जुएबाजी और सट्टेबाजी वेबसाइट्स को ब्लॉक कर दिया है। इस तरह अब सरकार ने कुल 8400 वेबसाइट्स और ऐप्स को ब्लॉक कर दिया है जो ऑनलाइन अवैध जुए और सट्टेबाजी में लगी हुई थीं। इसमें से ज्यादातर को ऑनलाइन गेमिंग एक्ट के पास होने के बाद ब्लॉक किया गया है। कुल 8400 वेबसाइट्स में से 4900 वेबसाइट और ऐप्स को ऑनलाइन गेमिंग एक्ट के पास होने के बाद ब्लॉक किया गया है।

इससे पहले जनवरी में भी सरकार ने 242 अवैध जुएबाजी और सट्टेबाजी की वेबसाइट पर लगाम कसते हुए इन्हें ब्लॉक कर दिया था। सरकार ने कुल मिलाकर 8400 वेब और ऐप प्लेटफॉर्म पर अब तक सख्ती दिखाई है।

इन सभी ऐप्स और वेबसाइट पर कार्रवाई की गई है-

1.⁠जो वेबसाइट ऑनलाइन सट्टेबाजी वाले गेम्स प्लेटफार्म के तौर पर काम कर रही हैं

2.⁠जो ऑनलाइन कैसीनो स्लॉट, रूलेट, लाइव डीलर टेबल की पेशकश करते हैं

3.⁠जो वेबसाइट सट्टा/मटका जुआ नेटवर्क से संबंधित हैं

4.⁠रियल-मनी कार्ड और कैसीनो गेम वाली वेबसाइट्स और ऐप्स

5. जो सट्टेबाजी एक्सचेंज पी-2-पी सट्टेबाजी बाजारों की तरह काम कर रहे हैं।

ऑनलाइन गेमिंग एक्ट को 22 अगस्त 2025 को पास किया गया था और इसे 1 अक्टूबर 2025 से लागू किया गया था। इसके जरिए केंद्र सरकार ने कई ई-स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म पर लगाम लगाई थी जो सट्टा और मटका जुएबाजी की गतिविधियों में संलिप्त थे। रियल मनी कार्ड और कसीनो गेम्स वाली ऐप्स को भी सरकार ने इसी कैटेगरी में मानते हुए उनको ब्लॉक किया है।

सरकार इन वेबसाइट्स और ऐप्स पर क्यों है सख्त

सरकार ने इन ऑनलाइन सट्टा और जुआ खिलाने वाले अवैध प्लेटफॉर्म पर शिकंजा इसलिए कसा क्योंकि ये मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में भी लिप्त पाए जाने लगे थे और साइबर अपराधों को भी बढ़ावा देने की ओर जा रहे हैं। अक्सर इन वेबसाइट्स को विदेशी सर्वर से भी संचालित होने की रिपोर्ट्स मिलती हैं और ये आम नागरिकों के साथ वित्तीय धांधली के खतरे को भी साथ लाती हैं, इसलिए ऑनलाइन जुआ और सट्टेबाजी वाली अवैध गेमिंग प्लेटफॉर्म पर सरकार ने लगाम लगाई है और फिर से कड़ा संदेश दिया है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से ये कदम उठाया गया है और ऐसी अवैध गेमिंग वेबसाइट्स और ऐप पर पाबंदी लगाई है जो देश के आम नागरिकों को जुएबाजी-सट्टे की तरफ धकेल रही थीं और इनकी वजह से उन्हें वित्तीय नुकसान भी हो रहा था।

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