कुसमी बलरामपुर
संवाददाता युसूफ खान
बलरामपुर जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां जंगलों की सुरक्षा पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि शंकरगढ़ वन परिक्षेत्र के बेलकोना गांव में हजारों पेड़ों की कटाई कर वन भूमि पर अवैध कब्जा किया जा रहा है। इतना ही नहीं, इस पूरे मामले में जिम्मेदारों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, बलरामपुर जिले शंकरगढ़ ब्लॉक के बेलकोना गांव में इन दिनों अवैध कब्जा और जमीन हथियाने का खेल तेजी से बढ़ता जा रहा है। कहीं फर्जी पट्टे जारी हो रहे हैं, तो कहीं जंगलों को काटकर वन भूमि पर कब्जा किया जा रहा है। इसी कड़ी में शंकरगढ़ वन परिक्षेत्र के बेलकोना गांव का मामला सामने आया है… जहां कभी हजारों बेशकीमती पेड़ों से भरा हणहा जंगल आज उजड़ने की कगार पर पहुंच चुका है।
आरोप है कि जंगल की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले ही इस पूरे खेल में शामिल हो गए। सैकड़ों-हजारों एकड़ वन भूमि की सौदेबाजी कर दी गई और धीरे-धीरे इस पर कब्जा कर लिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यह अवैध कटाई और कब्जा लंबे समय से चल रहा था, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने कभी गंभीरता नहीं दिखाई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उनका जंगल तेजी से खत्म हो रहा है। पेड़ों की कटाई के कारण पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ रहा है और उनके जीवन पर सीधा असर पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार जंगल ही उनका जीवन है — यहीं से उन्हें पानी, लकड़ी और रोज़गार मिलता है।
ग्रामीणों में इस मामले को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो पूरा जंगल खत्म हो जाएगा। हालात ऐसे हो गए हैं कि जंगल खुद मदद की गुहार लगाता नजर आ रहा है।
इस पूरे मामले ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर जब जंगल काटा जा रहा था तब जिम्मेदार कहां थे? क्या यह सब उनकी जानकारी में हो रहा था या फिर जानबूझकर अनदेखी की गई? अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कार्रवाई करता है।







