ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान को एक बड़ा झटका लगा है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के खुफिया प्रमुख मेजर जनरल मजीद खादमी की आज सुबह (6 अप्रैल) अमेरिकी और इजरायली हमले में मौत हो गई। ईरानी अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है।
आईआरजीसी ने अपने आधिकारिक टेलीग्राम चैनल पर एक पोस्ट में लिखा कि “IRGC के खुफिया संगठन के प्रमुख मेजर जनरल मजीद खादमी दुश्मन के आतंकवादी हमले में शहीद हो गए।” वहीं, इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल कार्ट्ज़ ने भी इस हमले की जानकारी साझा की और बताया कि इजरायल ने ईरान के खुफिया प्रमुख को निशाना बनाया।
मजीद खादमी कौन थे?
मेजर जनरल मजीद खादमी को जून 2025 में IRGC के खुफिया विभाग का प्रमुख नियुक्त किया गया था। उनकी नियुक्ति उस समय हुई जब उनके पूर्ववर्ती, मोहम्मद काजमी और उनके डिप्टी हसन मोहाकिक, इजरायल के हवाई हमले में मारे गए थे। इसके अलावा एक और वरिष्ठ कमांडर मोहसेन बघेरी भी हमले में शहीद हो चुके थे।
खादमी पहले ईरान के रक्षा मंत्रालय में खुफिया सुरक्षा संगठन के प्रमुख रह चुके थे और उन्हें ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई का भरोसेमंद माना जाता था। उन्हें जासूसी और खुफिया गतिविधियों में लंबा अनुभव था और कई महत्वपूर्ण अभियानों में उनकी भूमिका रही।
जंग और शांति की दोनों खबरें
जहां एक ओर संघर्ष की आग तेज है, वहीं दूसरी ओर शांति की कोशिशों की भी खबरें सामने आई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल ने सीजफायर के प्रस्ताव पर चर्चा शुरू की है। अगर इसे मंजूरी मिलती है, तो अगले 15-20 दिनों में युद्ध विराम संभव हो सकता है। प्रस्ताव में होर्मुज स्ट्रेट को खोलने और मिडिल ईस्ट में हमले रोकने की शर्तें भी शामिल हैं।
ईरान की प्रतिक्रिया में कहा गया कि पाकिस्तान की ओर से सीजफायर का प्रस्ताव आया है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्थायी युद्धविराम में होर्मुज स्ट्रेट खोला नहीं जाएगा।







