Home चर्चा में कुसमी–कोरंधा सड़क निर्माण में लापरवाही का आरोप, पानी भरी सड़क पर शुरू...

कुसमी–कोरंधा सड़क निर्माण में लापरवाही का आरोप, पानी भरी सड़क पर शुरू हुआ डामरीकरण, ग्रामीणों ने दिया जागरूकता का परिचय तो रुका कार्य

18
0
 बलरामपुर संवाददाता युसूफ खान
कुसमी। पिछली सरकार के वर्ष 2022-23 के बजट में शामिल कुसमी से कोरंधा सड़क निर्माण कार्य अब गंभीर अनियमितताओं और लापरवाही के आरोपों में घिरता नजर आ रहा है। लोक निर्माण विभाग, उप संभाग कुसमी द्वारा लगभग 44 करोड़ 71 लाख 24 हजार रुपये की लागत से इस महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना का निर्माण कराया जा रहा है, जिसकी कुल लंबाई 15 किलोमीटर 400 मीटर है।
परियोजना के तहत 45 पुलिया, 9 किलोमीटर नाली, रिहायशी क्षेत्रों में 3 किलोमीटर 700 मीटर नाली पर ढक्कन तथा 1 किलोमीटर 412 मीटर तटबंध का निर्माण प्रस्तावित है। शासन द्वारा सड़क निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कई तकनीकी मानक तय किए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इन नियमों का पालन होता नजर नहीं आ रहा है।
पानी भरी सड़क पर डामरीकरण, ग्रामीणों का विरोध
हाल ही में 8 अप्रैल दिन बुधवार को कमलापुर के पकरी पारा में निर्माणाधीन सड़क पर गंभीर लापरवाही सामने आई, जहां पानी भरे हुए मार्ग पर ही डामरीकरण (डामर बिछाने) का कार्य शुरू कर दिया गया। जैसे ही यह जानकारी स्थानीय ग्रामीणों को मिली, वे मौके पर पहुंचे और तत्काल कार्य को रुकवा दिया।
ग्रामीणों ने ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा__
कि सड़क को सूखने तक का समय नहीं दिया गया और जल्दबाजी में काम कर गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। उनका कहना है कि इस तरह का कार्य न केवल तकनीकी मानकों के खिलाफ है, बल्कि इससे सड़क की मजबूती और टिकाऊपन पर भी गंभीर असर पड़ेगा।
गिट्टी की मोटाई पर भी सवाल
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में उपयोग की जा रही गिट्टी (मेटल) की परत की मोटाई भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर और अधिक संदेह गहरा गया है।
मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से कहा कि पहले सड़क को पूरी तरह सूखने दिया जाए, उसके बाद ही नियमानुसार डामरीकरण किया जाए। बिना मानक के किए जा रहे कार्य को वे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे।
पहले से उठते रहे हैं, सवाल
गौरतलब है कि इस सड़क निर्माण कार्य को लेकर शुरुआत से ही अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं। इसके बावजूद अब तक न तो विभागीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई हुई है और न ही जनप्रतिनिधियों ने इस पर गंभीरता दिखाई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार के बीच जवाबदेही तय नहीं हो पा रही है, जिससे स्थिति “भूलभुलैया” जैसी बन गई है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इस कार्य में हुए लेन-देन और हिस्सेदारी का पूरा हिसाब सार्वजनिक हो जाए, तो बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो सकता है।
महत्वपूर्ण मार्ग पर भी लापरवाही
यह सड़क मार्ग सरगुजा सांसद चिंतामणि सिंह (महाराज) के गृह ग्राम तक पहुंचने वाला महत्वपूर्ण रास्ता माना जाता है। ऐसे में इस मार्ग पर भी यदि निर्माण में लापरवाही बरती जा रही है, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने मीडिया के माध्यम से प्रशासन से मांग की है कि पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो।
रोक दिया गया है, कामः एसडीओ
इस मामले में लोक निर्माण विभाग के एसडीओ जेके तिग्गा ने कहा कि बेमौसम बारिश से सड़क भीग गई थी, हालांकि नमी अधिक नहीं थी और गुणवत्ता पर असर नहीं पड़ता। उन्होंने बताया कि अचानक बारिश के कारण डामरीकरण प्रभावित हुआ, फिलहाल कार्य रोक दिया गया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here