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नक्सलमुक्त बस्तर संभाग की हर पंचायत को तत्काल 1 करोड़ रू. दे सरकार: दीपक बैज

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-बस्तर के विकास के लिए दिया जाए 50 हजार करोड़ का विशेष भी 
 -बस्तर के युवाओं के लिए चलाया जाए नौकरियों में विशेष भर्ती अभियान 

अर्जुन झा/जगदलपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि सरकार बस्तर के सभी गांवों के विकास के लिए 1 करोड़ प्रति गांव के हिसाब से की तत्काल राशि जारी करे। सरकार ने खुद घोषित किया था, जो ग्राम पंचायत नक्सल मुक्त हो जाएगी उसे 1 करोड़ रू. प्रदान किया जाएगा।

जगदलपुर में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि मुख्यमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, राज्य के गृहमंत्री से लेकर पूरी सरकार यह बयान दे रही है कि बस्तर सहित पूरा प्रदेश नक्सल मुक्त हो गया है, तब सरकार अपनी घोषणा के अनुसार बस्तर संभाग के तथा प्रदेश के अन्य जिलों राजनांदगाव, मोहला मानपुर, बलरामपुर, कवर्धा, गरियाबंद, धमतरी की सभी नक्सल प्रभावित पंचायतों के लिए तुरंत 1-1 करोड़ रू. की राशि जारी करे। श्री बैज ने कहा कि बस्तर के विकास के लिए डबल इंजन की सरकार तत्काल 50हजार करोड़ का विशेष आर्थिक पैकेज की भी घोषणा करे, ताकि बस्तर को विकास की मुख्यधारा में लाया जा सके। बस्तर की खूबसूरती की रक्षा के साथ यहां के युवाओं के लिए रोजगार और वनोपज आधारित उद्योगों के लिए सरकार विशेष कार्य योजना बनाए। बस्तर के युवाओं को सरकारी नौकरी देने के लिए सरकार विशेष भर्ती अभियान चलाए।

 

बस्तर में हो एनएमडीसी मुख्यालय
पीसीसी चीफ एवं पूर्व सांसद दीपक बैज ने अपनी पुरानी मांग दोहराते हुए कहा कि एनएमडीसी भारत की वह नवरत्न कंपनी है जो लौह अयस्क तो बस्तर से निकलती है और उसे दुनिया भर में भेजती है, परंतु अपना मुख्य कार्यालय बस्तर की बजाए तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में बनाए बैठी है। पूर्व में बस्तर में यातायात के अभाव से यह निर्णय ठीक लगता था परंतु वर्तमान में बस्तर भी अब सर्वसुविधायुक्त बन चुका है, एनएमडीसी को अपना मुख्यालय अब बस्तर में बनाना चाहिए ताकि बस्तर के बेरोजगार युवाओं के लिए एनएमडीसी में रोजगार का द्वार खुल सके। उन्होंने कहा कि लौह अयस्क खनन के लिए एनएमडीसी बस्तर के जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा का दोहन कर रहा है, इसलिए भी एनएमडीसी का हेड क्वार्टर बस्तर में रखना, बस्तर का हक है।

अडानी की एंट्री तो नहीं होगी?
दीपक बैज ने कहा कि बस्तर के निवासी इस बात के लिए आशंकित है कि सरकार बस्तर की खनिज संपदा को बस्तर के पहाड़ों और जंगलों को निजी उद्योगपतियों को सौंप सकती है। डबल इंजन की सरकार इस बात की गारंटी ले कि बस्तर के आदिवासियों तथा बस्तरिहा लोगों की भावनाओं के विपरीत बस्तर में अडानी एवं अन्य उद्योगपतियों की एंट्री नहीं होगी, न ही एनएमडीसी का नगरनार स्टील संयंत्र किसी निजी उद्योगपति को सौंपा जाएगा और न ही नंदराज और बैलाडीला की पहाड़ियों की बंदरबांट की जाएगी? श्री बैज ने कहा कि डबल इंजन की सरकार बस्तर की रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए तत्काल कार्ययोजना बनाए। केंद्र सरकार लंबे समय से दल्लीराजहरा, जगदलपुर रेल लाईन के काम को लगभग रोक रखा गया है। सन् 2017-18 में दल्लीराजहरा रेलमार्ग के निर्माण का उद्घाटन स्वयं प्रधानमंत्री ने भानुप्रतापपुर से किया था और मंच से आश्वस्त किया था कि 2021 तk यह बनकर तैयार हो जाएगी और इस रेलमार्ग में यात्री ट्रेनें सरपट दौड़ेंगी, परंतु आज तक इस रेल लाइन का कार्य खत्म नहीं हुआ है, जो कि बस्तर की जनता के साथ छलावा है।

पूरी सरकार कमीशन में मस्त
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया कि पूरी साय सरकार कमीशनखोरी मे लगी हुई है। महिला एवं बाल विकास विभाग तो भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का अड्डा बन गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को 6 मीटर की जगह 5 मीटर और 4.5 मीटर से भी कम लंबाई और चौड़ाई की एवं घाटिया साड़ियां महिला एवं बाल विकास विभाग में वितरण किया गया है। साड़ियों की लंबाई और चौड़ाई कम होने के कारण महिलाएं साड़ी का उपयोग नहीं कर पा रही हैं। श्री बैज ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग में एक महिला मंत्री के होते हुए महिलाओं के साथ उनके अधिकार पर डाका डाला जा रहा है और महिला मंत्री कमीशन का खेल खेल रही हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग में यह पहली बार नहीं हुआ है इससे पहले भी कई भ्रष्टाचार सामने आए हैं।

आंगनबाड़ी केंद्रों में 40 करोड़ से अधिक की पोषण सामग्री खरीद में अनियमितता, सामूहिक कन्या विवाह योजना में बिना टेंडर वर्क आर्डर इसके बड़े उदाहरण हैं। प्रदेश के लगभग 2899 आंगनबाड़ी केंद्रों में 16 करोड़ की लागत से टीवी और आरओ यूनिट की खरीद में नियमों की अनदेखी की गई है, इसमें केंद्रीकृत टेंडर के बजाय टुकड़ों में खरीद कर भ्रष्टाचार किया गया है।सुचिता योजना के तहत सेनेटरी पैड जैसे समान की खरीदी में भ्रष्टाचार किया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को जो घटिया गुणवत्ताहीन साड़ियां बांटी गई है, वह साड़ियां महिला एवं बाल विकास विभाग वापस ले और साथ ही आंगनबाड़ी की बहनों को अच्छी क्वालिटी की साड़ी प्रदान करें। श्री बैज ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग में बार-बार ऐसा भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का खेल सामने आने के बावजूद भ्रष्टाचारी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होना बताता है कि घोटाले मे पूरी सरकार और मंत्री भी शामिल हैं।

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