भारत में MSME देश की जीडीपी में बड़ी भूमिका निभाते हैं। करीब 11 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार देते हैं। सरकार ‘उद्यम रजिस्ट्रेशन’ सिस्टम के ज़रिए रजिस्टर्ड एमएसएमई को कई तरह के फायदे देती है, लेकिन बहुत सारे बिजनेस या तो रजिस्टर नहीं करते या उन्हें मिलने वाले फायदों का इस्तेमाल नहीं कर पाते। उद्यम रजिस्ट्रेशन भारत में MSME रजिस्ट्रेशन के लिए मौजूदा सिस्टम है, जिसे जुलाई 2020 में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया था। इसने पहले के उद्योग आधार मेमोरेंडम सिस्टम की जगह एक पूरी तरह से डिजिटल, आधार-आधारित, स्व-घोषणा प्रक्रिया शुरू की। यह रजिस्ट्रेशन मुफ्त और तुरंत होता है, और उद्यम के पूरे जीवनकाल के लिए मान्य रहता है।
Udyam के लिए रजिस्टर कैसे करें
- ऑफिशियल पोर्टल पर जाएं: udyamregistration.gov.in
- मालिक, मैनेजिंग पार्टनर या अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता का आधार नंबर डालें
- आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आए OTP से वेरिफ़ाई करें
- कारोबार की जानकारी भरें- नाम, प्रकार, PAN, पता, शुरू होने की तारीख, बैंक की जानकारी
- MSME वर्गीकरण के लिए निवेश और टर्नओवर की जानकारी डालें
- अपनी कारोबारी गतिविधि के लिए NIC कोड (National Industrial Classification) चुनें
- फ़ॉर्म सबमिट करें और तुरंत अपना Udyam रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट पाएं
MSME के वो बड़े फायदे जो ज्यादातर कारोबारी नहीं जानते हैं
छोटे और मझोले उद्योगों यानी MSME के लिए सरकार कई ऐसी योजनाएं चलाती है, जिनका सही इस्तेमाल करके बिजनेस को तेजी से बढ़ाया जा सकता है। लेकिन जानकारी की कमी के कारण अधिकांश उद्यमी इन लाभों का पूरा फायदा नहीं उठा पाते। आइए जानते हैं ऐसे ही अहम फायदे:
बिना गारंटी के लोन
सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए ऋण गारंटी निधि न्यास के तहत MSME को बिना किसी गारंटी के 5 करोड़ रुपये तक का लोन मिल सकता है।
माइक्रो यूनिट्स के लिए 85% तक गारंटी कवर
स्मॉल एंटरप्राइज के लिए 75% तक कवर
इसके बावजूद कई कारोबारी आज भी पर्सनल एसेट गिरवी रखते हैं।
लेट पेमेंट पर कानूनी सुरक्षा
अगर कोई खरीदार 45 दिन के भीतर भुगतान नहीं करता, तो उसे भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा तय बैंक रेट से 3 गुना ब्याज देना पड़ता है।
शिकायत के लिए MSME Samadhaan पोर्टल उपलब्ध
यह मजबूत अधिकार होने के बावजूद कम लोग इसका उपयोग करते हैं।
सरकारी खरीद में आरक्षण
सरकार ने 25% खरीद MSME से करना अनिवार्य किया है:
4% SC/ST उद्यमियों के लिए
3% महिला उद्यमियों के लिए
साथ ही MSME को मिलते हैं:
EMD (Earnest Money Deposit) से छूट
15% तक प्राइस प्रेफरेंस
Government e-Marketplace पर विशेष लाभ
ब्याज दर में सब्सिडी
सरकारी योजनाओं के तहत MSME लोन पर 2% से 5% तक ब्याज सब्सिडी मिलती है।
एमएसएमई ब्याज अनुदान योजना के तहत 2% अतिरिक्त राहत
इससे लोन की कुल लागत काफी कम हो जाती है।
टेक्नोलॉजी अपग्रेड के लिए मदद
क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी योजना के तहत:
1 करोड़ रुपये तक के निवेश पर 15% सब्सिडी
इससे छोटे उद्योग नई मशीनरी और टेक्नोलॉजी अपना सकते हैं।
पेटेंट और ट्रेडमार्क फीस में छूट
MSME को पेटेंट और ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन पर 50% तक की छूट मिलती है।
इससे छोटे बिज़नेस भी अपने आइडिया और ब्रांड को सुरक्षित कर सकते हैं।
ISO सर्टिफिकेशन पर रिफंड
ISO सर्टिफिकेशन की लागत का 75% तक रिइम्बर्समेंट
अधिकतम ₹75,000 तक
इससे क्वालिटी सुधारने और बड़े बाजारों तक पहुंचने में मदद मिलती है।
एक्सपोर्ट प्रमोशन के फायदे
MSME एक्सपोर्टर्स को अंतरराष्ट्रीय बाजार में जाने के लिए वित्तीय सहायता मिलती है:
मार्केट डेवलपमेंट असिस्टेंस
इंटरनेशनल ट्रेड फेयर और बिजनेस मीट्स में सपोर्ट, इससे वैश्विक स्तर पर बिज़नेस बढ़ाने के मौके मिलते हैं।








