रायपुर (छत्तीसगढ़):
छत्तीसगढ़ क्रेडा क्लस्टर जन कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष पंकज टिकरीहा ने जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (CREDA) में पिछले लगभग 12 वर्षों से कार्यरत 560 सेवाकर्ता इकाइयाँ (क्लस्टर तकनीशियन) इन दिनों अपनी सेवा बहाली को लेकर सक्रिय हैं। ये तकनीशियन राज्य में जल, जमीन और जंगल से जुड़े विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत सौर संयंत्रों के संचालन, संधारण, रख-रखाव और मॉनिटरिंग का महत्वपूर्ण कार्य करते रहे हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में इनकी अहम भूमिका रही है।
हालांकि, 1 अप्रैल 2026 से फंड की कमी और नए नियमों का हवाला देते हुए इन सभी तकनीशियनों की सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गईं, जिससे उनके और उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया।
इस समस्या के समाधान के लिए राज्य के सभी प्रभावित सेवाकर्ता इकाइयों ने 15 अप्रैल 2026 को रायपुर स्थित प्रधान कार्यालय पहुंचकर अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने क्रेडा के अध्यक्ष भूपेंद्र सवानी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेश राणा तथा अधीक्षण अभियंता जगत नारायण बैगा से सौजन्य मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की।

बैठक में सकारात्मक सहमति बनी कि पिछले वर्षों में लागू किए गए त्रुटिपूर्ण नियमों को समाप्त कर तकनीशियनों को केंद्र एवं राज्य सरकार के श्रम अधिनियमों के तहत नियमित प्रक्रिया में लाया जाएगा। इसके लिए क्रेडा की गवर्निंग बॉडी (GB) की आगामी बैठक में प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे तकनीशियनों को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) सहित अन्य शासकीय लाभ प्राप्त हो सकें।
प्रदेश अध्यक्ष पंकज टिकरीहा ने बताया कि यह मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी। जून 2024 में हुई हड़ताल के दौरान भी विभागीय अधिकारियों द्वारा आश्वासन दिया गया था, जो अब पूरा होता दिखाई दे रहा है।
इस संबंध में विभाग द्वारा आवश्यक पत्र जारी कर दिए गए हैं तथा अप्रैल माह के अंत तक प्रक्रिया पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साथ ही नोटशीट प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा चुकी है, जिसकी पहल कार्यपालन अभियंता संतोष कुमार ध्रुव द्वारा की गई है। पूरी प्रक्रिया के क्रियान्वयन के लिए 9 सदस्यीय समन्वय समिति का गठन भी किया गया है।
इस पहल से सभी 560 सेवाकर्ता इकाइयों में खुशी और उम्मीद का माहौल है। अब सभी की नजरें अप्रैल माह के अंत तक होने वाले निर्णय पर टिकी हैं, जिससे उनकी सेवा बहाली का मार्ग प्रशस्त हो सके।








