Home चर्चा में ओवरलोड ट्रकों ने उड़ा दी काकड़ीघाट-मधोता सड़क की धज्जियां

ओवरलोड ट्रकों ने उड़ा दी काकड़ीघाट-मधोता सड़क की धज्जियां

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-जान जोखिम में डालकर सफर करने मजबूर लोग =

अर्जुन झा/जगदलपुर। बस्तर विकास खंड के काकड़ीघाट, टिकनपाल, उसरी होते हुए मधोता तक जाने वाली करीब 10 किलोमीटर लंबी मुख्य सड़क बुरी तरह बदहाल हो चुकी है। क्रशर खदान से निकलने वाले गिट्टी लदे ओवरलोड हाइवा और अन्य भारी वाहनों के लगातार आवागमन ने इस सड़क की सूरत पूरी तरह बिगाड़ कर रख दी है। जगह-जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं और डामर उखड़ कर गिट्टी बाहर आ गई है। पूरी सड़क अब कच्चे रास्ते जैसी दिखने लगी है, जहां डामर का नामोनिशान तक नहीं बचा है।

हालात इतने खराब हैं कि कुछ जगहों पर गड्ढे एक से दो फीट तक गहरे हो चुके हैं। बारिश के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर जाने के कारण वाहन चालकों को उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। नतीजा यह होता है कि दोपहिया वाहन चालक आए दिन इन गड्ढों में फिसलकर गिरकर घायल हो रहे हैं। चारपहिया वाहनों के लिए भी इस मार्ग पर चलना किसी चुनौती से कम नहीं है। रात के समय स्थिति और भी विकट हो जाती है क्योंकि इस पूरे मार्ग पर स्ट्रीट लाइट की कोई व्यवस्था नहीं है। अंधेरे में पानी से भरे गड्ढों के कारण कई बार बड़े हादसे होते-होते बचते हैं। यह सड़क काकड़ीघाट, टिकनपाल, उसरी और मधोता समेत दर्जनों गांवों को बस्तर मुख्यालय से जोड़ने का एकमात्र प्रमुख मार्ग है। इसी सड़क से रोजाना सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण, स्कूली बच्चे, किसान और नौकरीपेशा लोग आवागमन करते हैं। स्कूली बच्चों को साइकिल से स्कूल जाने में भारी दिक्कत होती है। वहीं गंभीर मरीजों को अस्पताल ले जाने वाली एंबुलेंस भी इन गड्ढों में फंस जाती है, जिससे मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। बरसात में कीचड़ और गर्मी में उड़ती धूल से आसपास रहने वाले लोगों का जीना मुहाल हो गया है।

सड़क की हालत लगातार दिनों दिन बिगड़ती जा रही है। भारी वाहनों की आवाजाही के कारण डामर की परत पूरी तरह उखड़ चुकी है और अब केवल गिट्टी और मिट्टी ही बची है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्रेशर खदान से दिन-रात हाइवा गुजरते हैं, जिनके कारण सड़क धंस रही है। फिलहाल इस मार्ग से गुजरने वाला हर व्यक्ति परेशान है और जल्द सड़क मरम्मत की उम्मीद लगाए बैठा है।

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