राजधानी दिल्ली में OnePlus, Oppo, Realme के फर्जी एक्सेसरीज बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच ने करोलबाग और मोतीनगर के दो गोदाम सील कर दिए हैं। इन गोदामों में 15,000 से ज्यादा नकली एक्सेसरीज बरामद किए गए हैं। दिल्ली ही नहीं देश के कई शहरों में फर्जी स्मार्टफोन से लेकर ईयरबड्स, नेकबैंड, चार्जर आदि बेचे जा रहे हैं। कहीं आप भी तो नकली स्मार्टफोन या एक्सेसरीज घर लेकर नहीं आ रहे हैं। इसे आप आसानी से चेक कर सकते हैं।
स्मार्टफोन की प्रमाणिकता चेक करने के लिए आपको बॉक्स पर दिए गए IMEI नंबर का इस्तेमाल करना होगा। IMEI नंबर एक इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिफिकेशन नंबर होता है, जो हर मोबाइल के लिए अलग-अलग होता है। फर्जी IMEI नंबर की पहचान करने के लिए दूरसंचार विभाग के संचार साथी पोर्टल या ऐप का इस्तेमाल करना होगा। जैसे ही आप फोन के डिब्बे पर दिए गए IMEI नंबर को पोर्टल पर एंटर करते हैं, आपको पता चल गया है कि यह वैलिड है या नहीं। फर्जी IMEI नंबर सरकारी पोर्टल या ऐप पर सर्च नहीं होगा।
बाजार में बिकने वाले सभी इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम भारतीय मानक ब्यूरो यानी BIS द्वारा सर्टिफाइड होते हैं। अगर, कोई फर्जी एक्सेसरीज जैसे कि चार्जर, नेकबैंड, ईयरबड्स आदि मार्केट में बिक रहा है, तो वो BIS पर लिस्टेड नहीं होंगे। इसके लिए आपको BIS Care ऐप या फिर Umang ऐप का सहारा लेना होगा या फिर BIS की वेबसाइट के जरिए भी आप इसे चेक कर सकते हैं। इसके लिए एक्सेसरीज के बॉक्स पर दिए गए R-No. यानी रजिस्ट्रेशन नंबर को चेक करना होगा। इस नंबर का इस्तेमाल BIS Care पोर्टल या ऐप में करके एक्सेसरीज की जेनुइननेस की जांच कर सकते हैं।








