खिलेश साहू/धमतरी-
ग्राम मड़ाईभाठा में वायरल वीडियो को लेकर विवाद में घिरे आमदी भाजपा मंडल के पूर्व अध्यक्ष एवं ग्राम पंचायत के पंच मुरारी यदु ने मामले पर प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए व स्पष्टीकरण देते हुए मुरारी यदु ने कहा कि वीडियो को विषय से हटाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है, जिसका उद्देश्य उनकी छवि खराब करना और राजनीतिक साजिश रचना है। मुरारी यदु ने बताया कि 12 मई को हमारे ग्राम मड़ाईभाठा में घांस भूमि विवाद को लेकर घांस भूमि पर कब्जा किए पक्ष के द्वारा चार महिलाओ पुरूष दोनों ललिता यदु पति बिरेन्द्र यदु, सोहद्रा यदु पति दयालु यदु, राजेश्वरी यदु पति मुकेश यदु , दुर्गा यदु पति नितेश यदु को आगे लाकर मेरे ऊपर हाथ उठाए,धक्का-मुक्की,
रोघा,कमिना,दोगला, तुम्हे छेड़खानी में फसा दुंगी कहा तभी ग्राम पंचायत सरपंच चन्द्रेश चांद ने बीच बचाव किए । मुरारी यदु ने आप बीती बताते हुए कहा, कि “मैं पंचायत में दोनों पक्षों को समझाइश दे रहा था कि आप लोग घास जमीन में है पंचायत में प्रस्तावित है यहा पर सामुदायिक भवन निर्माण होना है करके कहा तभी सभी महिलाओ पुरूषोत्तम के द्वारा हाथ उठाए,धक्का-मुक्की, रोघा,कमिना,दोगला, आदर मादर, और तुम्हे छेड़खानी में फसा दुंगी मुझे गाली गलौज की हाथापाई पर उतर आए तब सरपंच ने बचाव किया इसी दौरान हुई बातचीत का कुछ हिस्सा काटकर विडियो वायरल किया गया। मैंने किसी को जान से मारने की धमकी नहीं दी है। मैं कानून का सम्मान करता हूं और जांच में पूरा सहयोग करूंगा।” उन्होंने आगे कहा कि मैं भाजपा का कार्यकर्ता के नाते वे हमेशा गांव में शांति और भाईचारे के लिए काम करते रहे हैं। यदि किसी को ठेस पहुंची है तो वे बातचीत के जरिए मामले का समाधान चाहते हैं।
ग्राम पंचायत सरपंच चन्द्रेश चांद के साथ वरिष्ठ ग्रामीणों ने भी कहा कि मुरारी यदु हमेशा गांव के विकास एवं सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहते हैं। उनका कहना है कि यह मामला घास जमीन पर भवन निर्माण से विवाद से जुड़ा है और इसे धमतरी विधायक ओंकार साहू द्वारा अतिक्रमण धारियो को संरक्षण दिया जा रही है क्योंकि जब मुरारी यदु मंडल अध्यक्ष था तब विधायक ओंकार साहू आमदी नगर पंचायत पार्षद चुनाव में शिकस्त दिए हुए थे और इस चुनाव में उनके पत्नि को चुनाव मे बुरी तरह शिकस्त दिए इसलिए उसे बदनाम करने में पड़ा है । विधायक ओंकार साहू अपना जितना भी ताकत लगा ले पर सच सच रहेगा ।
मुरारी यदु ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि गवाहों के बयान के आधार पर सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संयम बरतने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
इस तरह के मामले में दोनों पक्षों की बात सुने बिना निष्कर्ष निकालना सही नहीं होता। मामले का निष्पक्ष रूप से जांच किया जावें जिससे सच्चाई समाने आ सके और घास भूमि पर भवन निर्माण के लिए भूमिपूजन किया जाएगा उसे प्रशासन द्वारा हटवाया जाए जिससे ग्रामवासियो के लिए सामुदायिक भवन बनवाने के लिए रास्ता को उक्तियो द्वारा पुराना अतिक्रमण कर बंद दिया गया है जिस खोलवाया जाए जो पंचायत ग्रामवासी भी यही चाहते है की अतिक्रमण किए उक्त व्यक्तियो के ऊपर कार्यवाही हो और यहा पंचायत को सुलभ हो सके जो जनहित में आवश्यक है ।








