सोमन साहू –
धर्म की पावन नगरी आरंग में पावन पुरुषोत्तम मास के शुभ अवसर पर भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के श्रीविग्रह स्वरूप सप्त दिवसीय श्री रामचरितमानस महायज्ञ का दिव्य एवं वैदिक परंपरानुसार शुभारंभ हुआ। वेदों में श्रीराम को “रामो विग्रहवान् धर्मः” अर्थात साक्षात मूर्तिमान धर्म कहा गया है। ऐसे पावन अवसर पर आयोजित यह महायज्ञ सम्पूर्ण क्षेत्र के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा एवं धर्म चेतना का केंद्र बन गया है।
महायज्ञ के शुभारंभ अवसर पर सर्वप्रथम प्रायश्चित्त कर्म, महाविष्णु पूजन, पंचांग पूजन, आचार्यादि ब्राह्मण वरण एवं आरंग के आराध्य श्री बागेश्वर नाथ महादेव का वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य दिव्य दुग्धाभिषेक संपन्न हुआ।
तत्पश्चात दिनांक 23 मई 2026 को भव्य जलयात्रा एवं कलश यात्रा विधिवत सम्पन्न हुई, जिसमें मातृशक्ति, विप्रवृन्द एवं सर्व सनातनी समाज ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। जलयात्रा उपरांत मंडप प्रवेश, मंगलाष्टक एवं वेदध्वनि के साथ यज्ञशाला में प्रवेश कराया गया।
आज 24 मई 2026 को श्री गणेश पूजन, वेदी मंडल पूजन, षोडश स्तंभ पूजन के पश्चात वैदिक परंपरा अनुसार अरणी मंथन द्वारा अग्नि प्रकट कर विधिवत यज्ञारंभ किया गया।
इस महायज्ञ के प्रधान आचार्य पं. नरेन्द्र द्विवेदी जी के नेतृत्व में समस्त वैदिक आचार्यगण एवं विद्वतजनों द्वारा अनुष्ठान सम्पन्न कराया जा रहा है।
यह महायज्ञ 23 मई से 30 मई 2026 तक श्री बागेश्वर नाथ महादेव मंदिर प्रांगण, आरंग में आयोजित होगा। आयोजन समिति ने समस्त धर्मप्रेमी सनातनी बंधुओं से सपरिवार उपस्थित होकर पुण्य लाभ प्राप्त करने का आग्रह किया है।
तत्पश्चात दिनांक 23 मई 2026 को भव्य जलयात्रा एवं कलश शोभायात्रा विधिवत सम्पन्न हुई, जिसमें लगभग 450 से अधिक मातृशक्ति ने श्रद्धा एवं भक्तिभाव से कलश धारण कर सहभागिता निभाई।
शोभायात्रा में विप्रवृन्द, आचार्यगण, धर्मध्वज, भजन मंडली एवं अपार जनसमूह ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर सम्पूर्ण आरंग नगर को श्रीराममय बना दिया। जयघोष, वैदिक मंत्रोच्चार एवं धर्मध्वजा के साथ नगर भ्रमण करते हुए यह दिव्य शोभायात्रा श्रद्धा, आस्था एवं सनातन संस्कृति का अनुपम उदाहरण बनी।








