“तंत्र से त्रस्त मन की व्यथा” : वर्तमान परिवेश के राजनीति माहौल में हो रहे उलटफेर पर आयुष सिंह कि कविता

वर्तमान परिवेश के राजनीति माहौल में हो रहे उलटफेर को एक नैसीखिए शायर ने अपनी कविता…

बसंत का आगमन

ऋतुराज आया है मनोहर धरती पे छाई है रौनक़ मन बसंती हो गया है माँ शारदे…

ममता

माँ अस्पताल में पड़ी शायद अंतिम साँसे गिन रही थी, बाहर बैठा रोहन फेसबुक, whatsaap पे…