बीजापुर संवाददाता – पुकार बाफना
महज एक माह में तैयार होने वाला आधुनिक पुल बना कनेक्टिविटी की नई पहचान, श्रमिकों से भी की आत्मीय चर्चा
बीजापुर 02 जून 2026/प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज बीजापुर जिले के सुदूर ग्राम कोण्डापल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने बीजापुर-पूवर्ती मार्ग पर निर्मित बेली ब्रिज का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुल की निर्माण तकनीक, उपयोगिता और क्षेत्रीय विकास में इसकी भूमिका की विस्तृत जानकारी ली।
यह बेली ब्रिज भारतीय सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा निर्मित सड़क परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों में आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से बनाए गए इस पुल ने क्षेत्र में कनेक्टिविटी को नई मजबूती प्रदान की है।
कम लागत, कम समय और अधिक मजबूती की मिसाल
निरीक्षण के दौरान BRO के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि बेली ब्रिज पारंपरिक पुलों की तुलना में अधिक किफायती, मजबूत और टिकाऊ होते हैं। इनका निर्माण सामान्य पुलों की अपेक्षा लगभग पांच गुना कम लागत में किया जा सकता है तथा इन्हें मात्र एक माह के भीतर तैयार किया जा सकता है। यही कारण है कि दुर्गम क्षेत्रों में त्वरित आधारभूत संरचना विकास के लिए यह तकनीक बेहद प्रभावी साबित हो रही है।
बीजापुर में 21 बेली ब्रिज बने विकास के सेतु
मुख्यमंत्री को बताया गया कि बीजापुर जिले में अब तक 21 बेली ब्रिज निर्मित किए जा चुके हैं, जिससे दूरस्थ गांवों की पहुंच बेहतर हुई है और लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिली है। इन पुलों ने विकास, सुरक्षा और जनसुविधाओं को गांवों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
श्रमिकों से संवाद, स्थानीय भागीदारी की सराहना
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों से भी मुलाकात की। श्रमिकों ने बताया कि वे छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से हैं और BRO के साथ मिलकर इस महत्वपूर्ण परियोजना में योगदान दे रहे हैं। अधिकारियों ने जानकारी दी कि निर्माण कार्य में प्रदेश के लगभग 100 श्रमिक कार्यरत हैं।
मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश के युवा और श्रमिक राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भागीदार हैं। उन्होंने श्रमिकों का उत्साहवर्धन किया और उनके अनुभवों को भी जाना।
दुर्गम बस्तर में विकास की मजबूत नींव
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बुनियादी ढांचे का विस्तार ही दूरस्थ क्षेत्रों के समग्र विकास की आधारशिला है। सड़क और पुल जैसी सुविधाएं केवल आवागमन को आसान नहीं बनातीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी सृजित करती हैं।
कोण्डापल्ली का यह बेली ब्रिज आज केवल एक पुल नहीं, बल्कि बदलते बस्तर की उस नई तस्वीर का प्रतीक है, जहां विकास अब दुर्गम पहाड़ियों और दूरस्थ गांवों तक मजबूती से पहुंच रहा है।








