रायपुर संवाददाता – रघुराज
राजधानी रायपुर में दिल्ली-एनसीआर से चोरी की गई लग्जरी कारों को खपाने वाले अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस की जांच में सामने आया है कि चोरी की गई कई महंगी कारों को रायपुर और आसपास के इलाकों में बेच दिया गया था। मामले में दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।
जानकारी के अनुसार दिल्ली पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के दौरान यह तथ्य सामने आया कि दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र से चोरी की गई लग्जरी गाड़ियों को रायपुर में फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेचा जा रहा था। खुलासे के बाद दिल्ली पुलिस की विशेष टीम रायपुर पहुंची और कार्रवाई शुरू कर दी।
यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था। दिल्ली-एनसीआर के पॉश इलाकों से महंगी और लग्जरी कारों को निशाना बनाया जाता था। इसके बाद इन गाड़ियों के इंजन और चेसिस नंबरों में हेरफेर कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाते थे। फर्जी कागजात तैयार होने के बाद इन गाड़ियों को छत्तीसगढ़, खासकर राजधानी रायपुर और उसके आसपास के जिलों में बेहद कम दामों में बेच दिया जाता था।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीम पिछले कुछ दिनों से रायपुर में डेरा डाले हुए है। पुलिस ने शहर के कुछ रसूखदार लोगों और कार डीलरों से भी पूछताछ की है, जिनके तार इस गिरोह से जुड़े होने का संदेह है। जांच में यह भी पता चला है कि गिरोह के सदस्य ग्राहकों को लुभाने के लिए गाड़ियों को एनओसी दिलाने और ट्रांसफर कराने का झांसा देते थे, जिससे किसी को शक न हो।
इस मामले में पुलिस ने जिन दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है, उनसे मिली जानकारी के आधार पर रायपुर के कुछ अन्य इलाकों में भी छापेमारी की तैयारी चल रही है। पुलिस को अंदेशा है कि रायपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों में ऐसी दर्जनों लग्जरी कारें दौड़ रही हैं, जो दिल्ली से चोरी की गई हैं और जिनके दस्तावेज पूरी तरह से फर्जी हैं।
दिल्ली पुलिस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम अब उन सभी खरीदारों की सूची तैयार कर रही है, जिन्होंने पिछले कुछ महीनों में दिल्ली या अन्य राज्यों के नंबर वाली गाड़ियां खरीदी हैं। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के तार देश के कई अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी पुरानी गाड़ी को खरीदते समय उसके दस्तावेजों की गहनता से जांच जरूर कर लें, ताकि वे ऐसे किसी धोखाधड़ी का शिकार होने से बच सकें।








