रायपुर संवाददाता – रघुराज
राजधानी रायपुर के सबसे व्यस्त और व्यावसायिक इलाकों में से एक एमजी रोड पर गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। यहां स्थित जया ऑटोमोबाइल की बहुमंजिला बिल्डिंग में सुबह अचानक भीषण आग लग गई। सुबह करीब 10 बजे भड़की यह आग देखते ही देखते इतनी विकराल हो गई कि इसने पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं, लेकिन घंटों की मशक्कत के बाद भी आग पर काबू नहीं पाया जा सका है। आग की लपटें इतनी तेज हैं कि वे अब बिल्डिंग की दूसरी और तीसरी मंजिल तक पहुंच चुकी हैं, जिससे आसपास के दुकानदारों और रहवासियों में भारी दहशत का माहौल है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गुरुवार सुबह जब बाजार में दुकानें खुल रही थीं और लोग अपने कामों में जुटे थे, तभी अचानक जया ऑटोमोबाइल की बिल्डिंग से गाढ़ा काला धुआं निकलता देखा गया। इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते, धुएं के गुबार के साथ आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने तेजी पकड़ ली और ऊपरी मंजिलों की तरफ बढ़ने लगी। चूंकि यह ऑटोमोबाइल की दुकान और गोदाम है, इसलिए यहां बड़ी मात्रा में टायर, ट्यूब, इंजन ऑयल, लुब्रिकेंट्स और अन्य ज्वलनशील सामग्रियां मौजूद थीं। इन सामानों ने आग में घी का काम किया, जिससे आग ने बेहद खतरनाक रूप अख्तियार कर लिया।

घटना की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया गया। हालांकि, संकरा इलाका और बिल्डिंग के भीतर भारी मात्रा में मौजूद प्लास्टिक व केमिकल जनित सामानों की वजह से दमकल कर्मियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार पानी की बौछार करने के बावजूद आग पर नियंत्रण पाना मुश्किल हो रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शहर के अन्य केंद्रों और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों से भी अतिरिक्त दमकल वाहनों को बुलाया गया है।
आग की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पूरी एमजी रोड पर काले धुएं का साम्राज्य फैल गया है, जिससे लोगों को सांस लेने में भी तकलीफ हो रही है। एहतियात के तौर पर पुलिस ने एमजी रोड के इस हिस्से पर आवागमन को पूरी तरह से रोक दिया है और दोनों तरफ बैरिकेडिंग कर दी है ताकि राहत और बचाव कार्य में कोई बाधा न आए। इसके साथ ही, सुरक्षा के लिहाज से आसपास की अन्य दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को तुरंत खाली करा लिया गया है। बिजली विभाग ने भी क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति काट दी है ताकि शॉर्ट सर्किट की वजह से कोई और बड़ा हादसा न हो।

शुरुआती तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो पाई है। पुलिस और प्रशासन का पूरा ध्यान फिलहाल आग को पूरी तरह से बुझाने और जानमाल के नुकसान को रोकने पर है। राहत की बात यह है कि आग लगने के तुरंत बाद बिल्डिंग के भीतर मौजूद कर्मचारियों और लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, जिससे अब तक किसी के हताहत होने या फंसे होने की खबर नहीं है। लेकिन इस भीषण अग्निकांड में करोड़ों रुपये के ऑटो पार्ट्स और संपत्ति के जलकर खाक होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

दमकल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आग बिल्डिंग के अंदरूनी हिस्सों में गहराई तक फैल चुकी है। चूंकि दूसरी और तीसरी मंजिल पर जाने के रास्ते संकरे हैं और वहां से लगातार धुआं और गैस निकल रही है, इसलिए दमकल कर्मियों को अंदर दाखिल होने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। क्रेन और हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की मदद से ऊपरी मंजिलों की खिड़कियां तोड़कर पानी डालने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं और जब तक आग पूरी तरह ठंडी नहीं हो जाती, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहेगा। रायपुर के इस प्रमुख व्यापारिक केंद्र में हुई इस घटना ने एक बार फिर व्यावसायिक इमारतों में फायर सेफ्टी के इंतजामों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।








