रक्त दान जीवन दान है, क्योंकि रक्त को कृत्रिम रूप से नहीं बनाया जा सकता… अधिवक्ता चितरंजय पटेल
रक्त दान जीवन दान है, क्योंकि रक्त को कृत्रिम रूप से नहीं बनाया जा सकता, यह बात बताते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग (विधि) के प्रदेश अध्यक्ष एवं उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय पटेल ने विश्व रक्तदाता दिवस पर कहा कि वर्तमान समय में दुर्घटनाओं एवं आपातकालीन परिस्थिति में स्वस्थ एवं स्वैच्छिक रक्तदाताओं की निरंतर आवश्यकता बनी रहती है इसलिए हर साल विश्व रक्तदाता दिवस 14 जून को रक्तदान के महत्व एवं लाभ के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ ही रक्तदाताओं का सम्मान कर रक्तदान के लिए प्रेरित किया जाता है तथा इस संबंध में स्वास्थ्य संगठन की ओर से भी हर साल नई थीम के साथ लोगों को प्रेरित किया जाता है जो 2026 में “मानवता की एक बूंद, रक्तदान करें। जीवन बचाएं।” है, जो हर रक्तदान में अंतर्निहित करुणा के भाव प्रदर्शित करता है। विश्व रक्तदाता दिवस पर लोगों को जागरूक किया जाता है कि सुरक्षित रक्तदान के लिए 18 से 65 वर्ष के स्वस्थ व्यक्ति, जिनका वजन कम से कम 45 किलोग्राम हो, रक्तदान कर सकते हैं तथा नियमित रक्तदान से शरीर में आयरन का स्तर नियंत्रित रहने के साथ ही और हृदय भी स्वस्थ रहता है।
विदित हो कि इस अवसर पर NHRSJC, शक्ति की ओर से नगर के सतत सक्रिय रक्तदाताओं को भविष्य में अपने कार्यक्रम में आमंत्रित कर सम्मान किए जाने की घोषणा की गई है ताकि अन्य लोग भी रक्तदान हेतु प्रेरित हो।








