सरगुजा संवाददाता – विकास अग्रवाल
अंबिकापुर।
स्वदेशी जागरण मंच एवं स्वावलंबी भारत अभियान के संयुक्त तत्वावधान में अंबिकापुर में आयोजित प्रांतीय विचार वर्ग एवं कार्यशाला में स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन के विषय पर व्यापक मंथन हुआ। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न संभागों से आए दायित्ववान कार्यकर्ता, केंद्रीय एवं क्षेत्रीय पदाधिकारी, प्रांत स्तरीय कार्यकर्ता तथा विभिन्न सामाजिक एवं आर्थिक क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
कार्यक्रम के पंचम सत्र में सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज, सरगुजा जिला संचालक भगवानदास बंसल, संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के कुलपति राजेंद्र लखपाले, प्रख्यात अर्थशास्त्री एवं स्वदेशी चिंतक प्रो. अश्विनी महाजन, क्षेत्रीय संयोजक सुधीर दाते, प्रांत संयोजक एवं स्वावलंबी भारत अभियान के समन्वयक जगदीश पटेल तथा सुब्रत चाकी मंचासीन रहे।
मुख्य वक्ता प्रो. अश्विनी महाजन ने भारत की आर्थिक यात्रा, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और स्वदेशी आधारित विकास मॉडल पर विस्तार से विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि भारत हजारों वर्षों तक विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्था रहा है और आज भी उसके पास विशाल युवा शक्ति, बड़ा बाजार तथा समृद्ध सांस्कृतिक विरासत जैसी अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने ऐतिहासिक तथ्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि विदेशी आक्रमणों और औपनिवेशिक शासन ने भारत की आर्थिक संरचना को गहरा नुकसान पहुंचाया, लेकिन देश पुनः वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
प्रो. महाजन ने डिजिटल अर्थव्यवस्था को भारत के भविष्य का आधार बताते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रोबोटिक्स, डिजिटल तकनीक और नवाचार को अपनाए बिना भारत वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे नहीं बढ़ सकता। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया, यूपीआई और तकनीकी नवाचारों ने भारत को विश्व में नई पहचान दिलाई है। भारत का डिजिटल भुगतान तंत्र आज विश्वसनीयता का प्रतीक बन चुका है और देश के युवाओं में नई तकनीकों को अपनाने की अपार क्षमता है। उन्होंने आईटी निर्यात, डिजिटल करेंसी और तकनीकी उद्यमिता के क्षेत्र में भारत की संभावनाओं को भी रेखांकित किया।
सांसद चिंतामणि महाराज, भगवानदास बंसल तथा कुलपति राजेंद्र लखपाले ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत, ‘वोकल फॉर लोकल’ और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की। सांसद चिंतामणि महाराज ने सरगुजिहा भाषा में संबोधन देते हुए कहा कि स्थानीय उद्योगों, कुटीर उद्यमों और स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन देकर भारत विश्व अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभा सकता है। साथ हीं वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय संसाधनों के सदुपयोग तथा रोजगार सृजन में स्वदेशी की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।
जगदीश पटेल ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि भारत को विकसित एवं आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के लिए स्वदेशी चिंतन, स्थानीय उत्पादन और उद्यमिता को प्रोत्साहन देना आवश्यक है। उन्होंने स्वावलंबी भारत अभियान की कार्ययोजनाओं और उद्देश्यों की जानकारी दी।
क्षेत्रीय संयोजक सुधीर दाते ने स्वदेशी जागरण मंच की स्थापना, कार्यपद्धति और वैचारिक आधार पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वदेशी केवल आर्थिक अवधारणा नहीं, बल्कि राष्ट्र के सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक पुनर्जागरण का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने मंच द्वारा देशभर में संचालित जनजागरण अभियानों की जानकारी भी दी।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित कार्यकर्ताओं ने स्वदेशी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने, स्थानीय उद्यमों को प्रोत्साहित करने तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का संचालन सरगुजा संभाग संयोजक राजकिशोर चौधरी ने किया तथा आभार सहसंयोजक उपेंद्र यादव ने व्यक्त किया।
“स्वदेशी अपनाएं – स्वावलंबी भारत बनाएं” के उद्घोष के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
जारीकर्ता
स्वदेशी जागरण मंच – छत्तीसगढ़ प्रांत
स्वावलंबी भारत अभियान – छत्तीसगढ़ प्रांत
अंबिकापुर (छत्तीसगढ़)








