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12 लाख रुपये का चेक जारी कराने के एवज में 2 लाख रिश्वत मांगने का आरोप, एसीबी ने जनपद सीईओ, बाबू और भृत्य को 1 लाख रुपये लेते रंगे हाथों पकड़ा

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सक्ती संवाददाता – दीपक ठाकुर
सक्ती जिले मे प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत स्वीकृत राशि का चेक जारी करने के बदले कथित तौर पर 2 लाख रुपये रिश्वत मांगने के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) बिलासपुर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जनपद पंचायत सक्ती के सीईओ निखिल कश्यप, सहायक ग्रेड-3 (बाबू) अविनाश ठाकुर और कार्यालय के भृत्य लच्छन भानु को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। एसीबी ने रिश्वत की रकम बरामद कर तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
एसीबी के अनुसार, ग्राम लिमतरा निवासी अरुण कुमार भारद्वाज ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी माता ग्राम पंचायत लिमतरा की सरपंच हैं। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत पंचायत में निर्मला घाट, नाली निर्माण सहित अन्य विकास कार्यों के लिए 20 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। इनमें से 8 लाख रुपये का चेक जारी हो चुका था, जबकि शेष 12 लाख रुपये का चेक जारी होना बाकी था। इस संबंध में उनकी माता ने उन्हें आगे की प्रक्रिया के लिए अधिकृत किया था।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने शेष 12 लाख रुपये का चेक जारी करने के लिए जनपद पंचायत सक्ती के सीईओ निखिल कश्यप और बाबू अविनाश ठाकुर से संपर्क किया, तो दोनों ने चेक जारी करने के एवज में 2 लाख रुपये कमीशन के रूप में रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई चाहता था, इसलिए उसने एसीबी बिलासपुर से संपर्क किया।
शिकायत के सत्यापन के दौरान एसीबी को पता चला कि आरोपी अविनाश ठाकुर ने अपने कार्यालय के भृत्य लच्छन भानु के माध्यम से पहली किश्त के रूप में 1 लाख रुपये पहले ही प्राप्त कर लिए थे। इसके बाद शेष 1 लाख रुपये की मांग की जा रही थी।
योजना के तहत 15 जून 2026 को एसीबी की ट्रैप टीम ने शिकायतकर्ता को जनपद पंचायत कार्यालय सक्ती भेजा। आरोप है कि सीईओ निखिल कश्यप ने रिश्वत की राशि बाबू अविनाश ठाकुर को लेने के लिए कहा, जबकि अविनाश ठाकुर ने रकम भृत्य लच्छन भानु को लेने का निर्देश दिया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने 1 लाख रुपये की रिश्वत राशि लच्छन भानु को सौंपी, एसीबी बिलासपुर की टीम ने मौके पर दबिश देकर तीनों आरोपियों को पकड़ लिया और रिश्वत की रकम बरामद कर ली।
एसीबी ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित) की धारा 7 और 12 के तहत मामला दर्ज कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
विशेष बात यह है कि यह कार्रवाई पिछले दो वर्षों के दौरान एसीबी बिलासपुर की 51वीं सफल ट्रैप कार्रवाई बताई जा रही है, जिसे भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।

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