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मुनाफे की अंधी दौड़ में मिसाल बनी रायपुर की युवा संस्था, पच्चीस सालों से मुफ्त शिक्षा देकर संवार रही है हजारों युवाओं का भविष्य

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-संस्थापक एम राजीव के संघर्ष और निष्ठा की कहानी, जहां बिना एक पैसा लिए गरीब बच्चों के लिए खोले जाते हैं सफलता के द्वार, सिविल लाइंस स्थित सेंटर में मिलती है निशुल्क लाइब्रेरी की सुविधा भी

रघुराज/रायपुर। वर्तमान समय में जहां शिक्षा का पूरी तरह से व्यवसायीकरण हो चुका है, हर गली-कूचे में खुली कोचिंग संस्थाएं सिर्फ इस बात पर ध्यान देती हैं कि बच्चों से ज्यादा से ज्यादा फीस कैसे वसूली जाए, वहीं छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक ऐसी संस्था भी है जो पिछले ढाई दशकों से इस धारणा को चुनौती दे रही है। इस दौर में जहां बड़ी और नामी कोचिंग संस्थाओं का वास्ता गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से ज्यादा अपने बैंक बैलेंस और मुनाफे से होता है, वहीं रायपुर की युवा नॉन प्रॉफिट कोचिंग संस्था पिछले छब्बीस वर्षों से लगातार एक मूक क्रांति का नेतृत्व कर रही है। यह संस्था बिना किसी शोर-शराबे के गरीब और जरूरतमंद बच्चों को सीजीपीएससी, रेलवे, बैंकिंग और एसएससी जैसी उन परीक्षाओं की तैयारी बिल्कुल मुफ्त में करवा रही है, जिनके लिए बाजार में हजारों-लाखों रुपए की भारी-भरकम फीस वसूली जाती है।

इस अनूठी और सेवाभावी संस्था के पीछे जिस व्यक्ति की अटूट लगन और मेहनत है, उनका नाम है श्री एम राजीव। एम राजीव जी पिछले छब्बीस सालों से इस संस्था का संचालन कर रहे हैं। उनके इस निस्वार्थ प्रयास का ही परिणाम है कि आज यहां से पढ़कर निकले अनगिनत बच्चे देश और राज्य के अलग-अलग सरकारी विभागों और प्रतिष्ठित संस्थाओं में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। हाल ही में हमारी टीम को संस्था के संस्थापक श्री राजीव सर से मुलाकात करने का अवसर मिला। उनसे बातचीत करके उनके लंबे अनुभवों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त हुई, जिसे जानकर न सिर्फ गहरा संतोष हुआ बल्कि जीवन में कुछ बेहतर करने का एक जबरदस्त कॉन्फिडेंस भी मिला।

व्यवसाय के दौर में सेवा का अनूठा संकल्प
आज के समय में जब कोई छात्र किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने के बारे में सोचता है, तो सबसे पहले उसके सामने लाखों रुपए की फीस की दीवार खड़ी हो जाती है। रायपुर के सिविल लाइंस में मुख्यमंत्री निवास के पास संचालित होने वाली यह संस्था इस दीवार को गिराने का काम कर रही है। एम राजीव जी ने जब इस सफर की शुरुआत की थी, तब उनके सामने भी कई चुनौतियां थीं, लेकिन उनका लक्ष्य बिल्कुल साफ था कि पैसों के अभाव में किसी भी होनहार युवा का भविष्य अंधकारमय नहीं होना चाहिए।

राजीव सर के साथ हुई मुलाकात के दौरान उन्होंने अपने इस लंबे सफर के कई उतार-चढ़ाव साझा किए। उन्होंने बताया कि किस तरह शुरुआती दिनों में संसाधनों की कमी के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। आज यह संस्था उन तमाम गरीब परिवारों के बच्चों के लिए आशा की एक बड़ी किरण बन चुकी है, जो महंगे कोचिंग सेंटरों का खर्च उठाने में पूरी तरह असमर्थ हैं। यहां आने वाले हर बच्चे को समान रूप से सम्मान और बेहतरीन मार्गदर्शन मिलता है।

सफलता का द्वार खोलती निशुल्क लाइब्रेरी और उत्कृष्ट मार्गदर्शन
युवा कोचिंग संस्था की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां केवल क्लासरूम कोचिंग ही नहीं दी जाती, बल्कि बच्चों को पढ़ाई के लिए एक बेहद शांत और समृद्ध माहौल भी उपलब्ध कराया जाता है। संस्था परिसर में ही एक निशुल्क लाइब्रेरी की व्यवस्था है, जहां छात्र दिन भर बैठकर पूरी एकाग्रता के साथ अपनी तैयारी को नई उड़ान देते हैं। इस लाइब्रेरी में प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी हर जरूरी किताबें, मैगजीन और अध्ययन सामग्रियां उपलब्ध हैं।

लाइब्रेरी में सुबह से लेकर शाम तक छात्र-छात्राओं की भारी भीड़ देखी जा सकती है। यहां का अनुशासित माहौल बच्चों में एक सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा करता है। कई छात्र जो तंग कमरों में रहते हैं या जिनके घरों में पढ़ाई का उचित माहौल नहीं होता, उनके लिए यह लाइब्रेरी किसी वरदान से कम नहीं है। यहां बैठकर बच्चे न केवल पढ़ते हैं, बल्कि आपस में विषयों पर चर्चा भी करते हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास और मजबूत होता है।

हजारों घरों में जल चुका है सफलता का दीपक
पिछले छब्बीस वर्षों के सफर में इस संस्था ने जो सबसे बड़ी पूंजी कमाई है, वह है उन हजारों माता-पिता के चेहरे की मुस्कान, जिनके बच्चे आज बड़े-बड़े पदों पर कार्यरत हैं। युवा संस्था से मार्गदर्शन पाकर कई छात्रों ने सीजीपीएससी जैसी कठिन राज्य सेवा परीक्षा को क्रैक किया है और आज वे अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा भारतीय रेलवे, विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों और कर्मचारी चयन आयोग जैसी कठिन परीक्षाओं में भी यहां के छात्रों ने अपनी सफलता का परचम लहराया है।

राजीव सर बताते हैं कि जब कोई पुराना छात्र मिठाई का डिब्बा लेकर आता है और कहता है कि सर आज मैं इस पद पर चुन लिया गया हूं, तो वह पल उनके जीवन की सबसे बड़ी कमाई होती है। वह खुशी किसी भी धन-दौलत से कहीं बढ़कर है। संस्था की इसी सफलता के कारण आज पूरे रायपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी इस निशुल्क कोचिंग की साख बहुत मजबूत हो चुकी है।

मुलाकात से मिला जीवन को बदलने वाला कॉन्फिडेंस
राजीव सर से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करने का अनुभव बेहद प्रेरणादायक रहा। उनके चेहरे पर दिखने वाली सादगी और उनकी बातों में छुपा गहरा अनुभव किसी को भी प्रभावित कर सकता है। उन्होंने बताया कि शिक्षा का असली उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति को सशक्त बनाना है। जब तक समाज का हर वर्ग शिक्षित और आत्मनिर्भर नहीं होगा, तब तक देश की तरक्की अधूरी है।

उनसे बातचीत के दौरान जो सबसे बड़ी सीख मिली, वह यह थी कि अगर आपके इरादे नेक हों और संकल्प मजबूत हो, तो संसाधनों की कमी कभी आपके रास्ते का रोड़ा नहीं बन सकती। एक अकेले व्यक्ति की सोच कैसे छब्बीस सालों में एक विशाल वटवृक्ष बन सकती है, इसका सीधा उदाहरण राजीव सर और उनकी यह संस्था है। उनसे मिलने के बाद मन में यह विश्वास और पक्का हो गया कि समाज में आज भी ऐसे लोग मौजूद हैं जो निस्वार्थ भाव से मानवता की सेवा में जुटे हुए हैं।

युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र
रायपुर की यह संस्था आज के युवाओं के लिए केवल एक कोचिंग सेंटर नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा मार्गदर्शक केंद्र है जो उन्हें जीवन जीने की सही कला सिखाता है। यहां बच्चों को केवल किताबी ज्ञान नहीं दिया जाता, बल्कि उनमें नैतिक मूल्य, अनुशासन और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी भरी जाती है। यही कारण है कि यहां से निकलने वाले छात्र नौकरी पाने के बाद भी अपनी जड़ों को नहीं भूलते और समय-समय पर संस्था में आकर नए बच्चों का मार्गदर्शन करते हैं।

यदि आप भी रायपुर में हैं या इसके आसपास रहते हैं और किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन आर्थिक तंगी आपके आड़े आ रही है, तो सिविल लाइंस स्थित इस सेंटर में जाकर आप राजीव सर से मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री निवास के पास स्थित यह केंद्र आज छत्तीसगढ़ के हजारों युवाओं के सपनों को हकीकत में बदलने का काम पूरी निष्ठा के साथ कर रहा है।

सलाम है श्री एम राजीव जी के इस छब्बीस वर्षों के अखंड सेवा यज्ञ को, जिन्होंने शिक्षा को व्यापार बनने से रोका और गरीब बच्चों के लिए सफलता का द्वार खोलकर उनके जीवन को एक नई और सुरक्षित दिशा प्रदान की।

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