अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद छात्र जीवन से ही व्यक्ति में राष्ट्र प्रथम भाव का जागरण करने वाली विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन है, यह उद्गार विद्यार्थी परिषद के स्थापना दिवस पर व्यक्त करते हुए संगठन के वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय पटेल ने कहा कि
निश्चित रुप से हम सबने छात्र जीवन में इस संगठन के कार्यकर्ता के रूप में विद्यार्थी परिषद की पाठशाला में स्वयं के व्यक्तित्व निर्माण के साथ ही राष्ट्रवाद एवं देशभक्ति का पाठ पढ़ा है तथा वर्तमान परिवेश में आज हम सब कार्यक्षेत्रों में अपने दायित्वों का भलीभांति निर्वहन भी कर रहे हैं, परन्तु जिस संगठन ने हमें एक पहचान दिलाया है और समाज में शान से खड़े होने का हमारे भीतर साहस पैदा किया है, वह संगठन वर्तमान समय में हमारे नगर में ओझल है, फलस्वरूप हम सबका दायित्व है कि सब मिलकर छात्र शक्ति- राष्ट्र शक्ति के उद्घोष को स्मरण करते हुए ज्ञान- शील – एकता के ध्येय के साथ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पुनर्जागरण में अपनी महती भूमिका सुनिश्चित करें।
आज स्थापना दिवस के अवसर परिषद के पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश राठौर, अधिवक्ता सुरीत चंद्रा आदि कार्यकर्ताओं ने विश्राम गृह परिसर में फलदार जामुन के पौधे का रोपण किया गया तथा नगर में फिर से संगठन के पुनर्जागरण का संकल्प लिया गया ।









