मिडिल ईस्ट में जारी अमेरिका-ईरान तनाव का सबसे बड़ा असर समुद्री व्यापार पर दिखाई दे रहा है. होर्मुज स्ट्रेट में कारोबारी जहाजों पर हुए हमलों और एक भारतीय नाविक की मौत के बाद भारत सरकार ने बड़ा सुरक्षा अभियान शुरू किया है. भारत सरकार ने पश्चिम एशिया में भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए 24×7 निगरानी, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और समर्पित संपर्क अधिकारी नियुक्त करने का फैसला किया है.
ईरान और अमेरिका के बीच दोबारा से तेज होती जंग और हॉर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के बाद भारत सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए सीफेरर-फर्स्ट’ प्रतिक्रिया की शुरुआत की है. केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि इसके तहत फारस की खाड़ी, होर्मुज और ओमान की खाड़ी से गुजरने वाले हर भारतीय नाविक की रियल टाइम निगरानी की जाएगी.
मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने होर्मुज में काम कर रहे हर भारतीय नाविक की सुरक्षा के लिए सरकार के सभी विभागों को मिलकर काम करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में मौजूद हर भारतीय नाविक का पता लगाया जाएगा, चाहे वह किसी भी देश के झंडे वाले जहाज पर काम कर रहा हो.
मंत्री सर्बानंद की अध्यक्षता में हुई बैठक में फारस की खाड़ी, होर्मुज और ओमान की खाड़ी में सुरक्षा के हालात की समीक्षा की गई. जिसके बाद ये सब रणनीति बनी.








