दीपक शर्मा/कोरबा/पाली:- आस्था और उल्लास के साथ गुरुवार को पाली नगर में भगवान जगन्नाथ स्वामी जी की वार्षिक रथयात्रा निकाली गई, भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ एक ही रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण करते हुए मौसी के घर पहुंचे। मान्यता है कि भगवान हर साल आषाढ़ माह में मौसी गुंडीचा के घर जाकर 9 दिन निवास करते हैं। और यही परंपरा पाली नगर में वर्षों से निभाई जा रही है, पाली में रथ यात्रा रमेश सोनी के निवास स्थान से प्रारंभ होकर गोविंद वैष्णव जी के निवास तक जाती है।
रथयात्रा की शुरुआत नियत स्थान से विधि-विधान के साथ हुई। नगर पंचायत अध्यक्ष अजय जायसवाल, उपाध्यक्ष लखन प्रजापति,एल्डरमैन रामबिलास जायसवाल, एल्डरमैन हरीश चावड़ा, पार्षद प्रतिनिधि दीपक शर्मा,आयोजक दिनेश जायसवाल, आयोजक नटवर लाल मारू, रमेश सोनी, प्रतीक्षा शर्मा और नंदकुमार शर्मा,दीपक शुक्ला,शुभम सोनी,लगन जी ने सबसे पहले भगवान की पूजा-अर्चना की। इसके बाद रस्से में हाथ लगाकर रथ खींचा और परंपरा अनुसार रथ के आगे झाड़ू लगाकर “छेरा पहरा” किया, धार्मिक मान्यता है कि राजा से लेकर आम भक्त तक रथ के आगे मार्ग बुहारते हैं ताकि अहंकार दूर हो और सेवा भाव जागे, रथ जैसे-जैसे आगे बढ़ा, जगह-जगह भक्तों ने पुष्प वर्षा की और पूजा-अर्चना की,भजन और जय जगन्नाथ के नारों से पूरा नगर गूंज उठा,अपने इष्ट के स्वागत के लिए घर के द्वार द्वार पर रंगोली बनाई गई थी, महिलाओं ने रथ पर चुनरी चढ़ाई और घर-घर से लोग दर्शन के लिए सड़कों पर उमड़ पड़े,

आयोजकों ने बताया कि रथयात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए मौसी घर पहुंची, वहां भगवान तीनों भाई-बहन विश्राम करेंगे। मान्यता है कि इस दौरान दर्शन करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन के कष्ट दूर होते हैं।







