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राहुल गांधी के पीएम आवास घेराव के खिलाफ रायपुर में भाजपा का उग्र प्रदर्शन, कांग्रेस भवन के घेराव के दौरान कार्यकर्ताओं में झड़प, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले और चलाया वाटर कैनन

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रायपुर संवाददाता – रघुराज
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज राजनीतिक माहौल बेहद गरमा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के घेराव और कांग्रेस की कथित अराजक राजनीति के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश स्तरीय उग्र प्रदर्शन किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव और उप मुख्यमंत्री अरुण साव की अगुवाई में हजारों कार्यकर्ताओं ने रायपुर के शंकर नगर टर्निंग पॉइंट पर विशाल जनसभा की और इसके बाद प्रदेश कांग्रेस कार्यालय ‘राजीव भवन’ का घेराव करने निकल पड़े।
इस दौरान स्थिति उस समय बेकाबू हो गई जब राजीव भवन के करीब भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस, धक्का-मुक्की और झड़प शुरू हो गई। हालात को नियंत्रित करने और उग्र भीड़ को तीतर-बीतर करने के लिए मौके पर मौजूद पुलिस बल को वाटर कैनन (पानी की बौछार) का इस्तेमाल करना पड़ा और 5 से अधिक आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इस घटना के बाद राजधानी का राजनीतिक पारा उफान पर पहुंच गया है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
शंकर नगर टर्निंग पॉइंट पर भाजपा की हुंकार, दिग्गज नेताओं का राहुल गांधी पर करारा हमला
प्रदर्शन की शुरुआत रायपुर के शंकर नगर टर्निंग पॉइंट पर आयोजित विशाल जनसभा से हुई। जनसभा में रायपुर शहर सहित प्रदेश भर से भारी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, विधायक, सांसद और कार्यकर्ता एकजुट हुए थे। मंच से संबोधित करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा।
सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी लगातार संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक परंपराओं का अपमान कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के 140 करोड़ नागरिकों के जनमत का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनके आवास का घेराव करने की कोशिश करना न केवल अमर्यादित है, बल्कि यह देश की महान लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा हमला है। देश की जनता इस प्रकार की अराजक, उकसावे वाली और नकारात्मक राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेगी।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव का तीखा प्रहार: “संवैधानिक मर्यादाओं को तार-तार कर रही कांग्रेस”
जनसभा में छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस नेतृत्व को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सत्ता से बाहर होने के बाद कांग्रेस पार्टी बौखलाहट में डूब चुकी है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार संसदीय मर्यादाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी कर रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास का घेराव करने का प्रयास अत्यंत निंदनीय और शर्मनाक है।
अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। जब जनता ने उन्हें बार-बार नकार दिया है, तो वे सड़कों पर अराजकता फैलाकर माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता देश के यशस्वी प्रधानमंत्री के सम्मान और संविधान की मर्यादा की रक्षा के लिए सड़क से लेकर संसद तक डटा रहेगा।
राजीव भवन की ओर विशाल मार्च, बैरिकेडिंग पर पुलिस के साथ तीखी बहस
जनसभा समाप्त होने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने ‘राहुल गांधी मुर्दाबाद’, ‘अराजक राजनीति नहीं चलेगी’ और ‘नरेंद्र मोदी जिंदाबाद’ के नारों के साथ प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन की ओर कदम बढ़ा दिए। हजारों की संख्या में आगे बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक बैरिकेडिंग कर रखी थी।
जैसे ही भाजपा का जुलूस राजीव भवन के समीप पहुंचा, कार्यकर्ताओं ने पुलिस बैरिकेड्स को तोड़ने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच जमकर बहस और धक्का-मुक्की हुई। भाजपा कार्यकर्ता आगे बढ़ने पर अड़े हुए थे, जबकि पुलिस बल उन्हें राजीव भवन की सुरक्षा परिधि से बाहर रखने की कोशिश कर रहा था।
भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आए आमने-सामने, पथराव और हिंसक झड़प से बिगड़े हालात
इसी दौरान राजीव भवन के भीतर और बाहर मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ता भी भाजपा के प्रदर्शन का विरोध करने सड़कों पर उतर आए। देखते ही देखते दोनों पार्टियों के सैकड़ों कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। दोनों ओर से उग्र नारेबाजी शुरू हुई जो जल्द ही हाथापाई और झड़प में बदल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि दोनों पक्षों की ओर से झंडों के डंडों से हमला किया गया और पथराव की स्थिति भी निर्मित हो गई। इस झड़प में कई कार्यकर्ताओं को मामूली चोटें भी आईं। पुलिस प्रशासन के लिए दोनों पक्षों को अलग करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया था, क्योंकि टकराव राजीव भवन के ठीक मुख्य मार्ग पर हो रहा था।
पुलिस की सख्त कार्रवाई: वाटर कैनन की बौछारें और आंसू गैस के गोले दागे
बढ़ते हिंसक टकराव और बेकाबू होती भीड़ पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस प्रशासन को सख्त कदम उठाने पड़े। सबसे पहले पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेलने के लिए वाटर कैनन (पानी की तेज बौछार) का प्रयोग किया। भारी पानी की बौछारों के बावजूद जब दोनों पक्षों के कार्यकर्ता पीछे हटने को तैयार नहीं हुए और धक्का-मुक्की जारी रही, तब पुलिस ने आंसू गैस (Tear Gas) के गोले दागने शुरू कर दिए।
पुलिस की ओर से एक के बाद एक 5 से अधिक आंसू गैस के गोले छोड़े गए। आंसू गैस का धुआं फैलते ही मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ के कारण कार्यकर्ता और वहां मौजूद आम नागरिक तितर-बितर होने लगे। इस दौरान कवरेज कर रहे कई मीडियाकर्मियों और मौके पर तैनात पुलिस जवानों पर भी आंसू गैस का असर देखने को मिला। आंसू गैस के प्रयोग के बाद ही पुलिस भीड़ को तितर-बितर करने में सफल हो सकी।
कांग्रेस का पलटवार: “भाजपा सरकार पुलिस का दुरुपयोग कर दबा रही विपक्ष की आवाज”
घटना के बाद कांग्रेस नेताओं ने भाजपा और राज्य सरकार पर तीखा पलटवार किया है। कांग्रेस प्रवक्ताओं और वरिष्ठ नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ता हथियारों और लाठी-डंडों के साथ राजीव भवन पर हमला करने आए थे।
कांग्रेस का कहना है कि प्रदेश की भाजपा सरकार पुलिस तंत्र का दुरुपयोग कर रही है। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर ही आंसू गैस के गोले छोड़े और वाटर कैनन का रुख किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह प्रदर्शन पूरी तरह से प्रायोजित था और इसका मकसद केवल राजनीतिक विद्वेष फैलाना था।
भाजपा का कड़ा रुख: “लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा”
दूसरी ओर, भाजपा नेतृत्व अपने रुख पर कायम है। भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक कांग्रेस पार्टी देश के प्रधानमंत्री और संवैधानिक पदों का सम्मान करना नहीं सीखती, तब तक भाजपा का यह जन-आंदोलन जारी रहेगा।
भाजपा नेताओं ने कहा कि आज का प्रदर्शन कांग्रेस को यह चेतावनी देने के लिए था कि देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़ी है और राहुल गांधी की किसी भी अराजक साजिश का माकूल जवाब दिया जाएगा। प्रदर्शन में रायपुर के स्थानीय विधायकों, महापौर प्रत्याशियों, जिला अध्यक्षों और विभिन्न मोर्चा-प्रकोष्ठों के संयोजकों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया।
राजधानी में धारा 144 जैसा माहौल, चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात
इस उग्र प्रदर्शन और झड़प के बाद रायपुर शहर के प्रमुख चौराहों और विशेष रूप से राजीव भवन तथा शंकर नगर मार्ग पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। एहतियात के तौर पर अतिरिक्त बल, दंगा नियंत्रण वाहन और त्वरित कार्य बल (RAF) की टुकड़ियों को तैनात किया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त की जा रही है। पुलिस दोनों पक्षों द्वारा किए गए उपद्रव और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है ताकि आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके। इस पूरी घटना ने छत्तीसगढ़ के राजनीतिक माहौल को बेहद गर्मा दिया है और आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच यह खींचतान और बढ़ने के आसार हैं।

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