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कलेक्टर आदेश की धज्जियां : रेत खनन पर पूर्ण प्रतिबंध, फिर भी पाली क्षेत्र में बेखौफ उत्खनन! कार्रवाई के नाम पर खनिज प्रभारी पर रंगदारी वसूली का आरोप

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पाली संवाददाता – दीपक शर्मा
पोड़ी, ढुकुपथरा, मुनगाडीह, नानपुलाली नदी से खनन एवं खुलेआम परिवहन.
कोरबा/पाली:- कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत ने 10 जून से 15 अक्टूबर तक पूरे जिले में रेत घाटों से खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है। लेकिन पाली क्षेत्र में इस आदेश की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। जबकि यहां कोई भी रेत घाट वैध नही है, फिर भी कोई रोक- टोक नही। बल्कि खनिज विभाग ही वसूली विभाग बन गया है। ऐसा आरोप क्षेत्र के लोगों ने लगाया है।
संलग्न पहली तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि नदी के बीचों- बीच 3- 4 ट्रैक्टर रेत भरने के लिए खड़े दिखाई दे रहें हैं, तो दूसरी तस्वीर में सड़क पर खुलेआम रेत से भरे ट्रैक्टर दौड़ रहे हैं। प्रतिबंध केवल कागजों में हैं और खनन धरातल पर। सूत्रों के अनुसार पोड़ी, ढुकुपथरा, मुनगाडीह, नानपुलाली सहित क्षेत्र के कई नदी- नालों में रेत माफिया सक्रिय हैं और दिन दहाड़े ट्रैक्टरों से रेत का परिवहन हो रहा है। सबसे चौंकाने वाला खुलासा खनिज विभाग के एक कर्मचारी के कार्यप्रणाली को लेकर हुआ है। आरोप है कि पाली खनिज प्रभारी संजीव लहरे अवैध रेत परिवहन कर रहे ट्रैक्टरों की धरपकड़ कर पहले चेंपा स्थित खनिज जांच नाका में खड़ा कर देते हैं। बाद में सख्त कार्रवाई और भारी जुर्माने का भय दिखाकर हजारों की वसूली कर ट्रैक्टर छोड़ देते हैं।
इस आरोप को लेकर नाम न उजागर करने की शर्त पर पाली क्षेत्र के एक ट्रैक्टर मालिक ने बताया कि मैं पीएम आवास निर्माण के लिए रेत ले जा रहा था, तब खनिज प्रभारी संजीव लहरे ने ट्रैक्टर पकड़कर चेंपा नाका में खड़ा कर दिया। फिर 10 हजार रुपए लेकर छोड़ा। बोले इधर- उधर हल्ला करोगे तो केस बना देंगे। खास बात तो ये है कि खनिज विभाग कर्मी संजीव लहरे को कुछ महीने पहले भी पाली खनिज प्रभारी बतौर जिम्मेदारी सौंपी गई थी, तब भी वे अवैध रंगदारी वसूली के आरोपों को लेकर चर्चा में आए थे और उन्हें पाली से हटा दिया गया था। लेकिन अब उन्हें फिर से पाली भेजा गया है और उनके आते ही वही पुराना वसूली का खेल शुरू हो गया है। ऐसे में रेत के अवैध खनन, परिवहन और इसके एवज में रंगदारी वसूली से शासन को राजस्व का सीधा नुकसान हो रहा है, क्योंकि न रॉयल्टी, न परमिट सब अवैध। दूसरी ओर रेत माफियाओं के हौसले बुलंद, उन्हें पता है सेटिंग हो जाएगी। अब जब कलेक्टर आदेश की धज्जियां उनके ही नौकरशाह उड़ाने में लगे हैं तो फिर आम जनता किसका आदेश मानेगी? स्थानीय सामाजिक संगठनों ने कलेक्टर एवं खनिज विभाग कोरबा से मांग की है कि रेत के अवैध खनन, परिवहन और विभागीय कर्मी के वसूली के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए और पाली क्षेत्र की कमान किसी जिम्मेदाराना हाथों में सौंपी जाए।

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