– पूरे भारत के कोल कर्मचारियों की नजर एवं उम्मीदें इस गठन पर टिकीं।
– नए वेतन समझौते में हो रही देरी से कोयला कामगारों में भारी आक्रोश, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
गुरदीप सिंह –
कोयला उद्योग के लाखों गैर-कार्यकारी कर्मचारियों के नए वेतन समझौते (JBCCI-XII) में हो रहे अप्रत्याशित विलंब के विरोध में आज संयुक्त श्रम संघ (AITUC, HMS, INTUC, CITU) कुसमुंडा क्षेत्र द्वारा एक दिवसीय विशाल एवं शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन पर संयुक्त मोर्चा के शीर्ष पदाधिकारियों ने महाप्रबंधक कार्यालय, कुसमुंडा क्षेत्र पहुंचकर माननीय केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री के नाम महाप्रबंधक को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा।

धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए श्रमिक नेताओं ने कहा कि देश के ऊर्जा क्षेत्र की रीढ़ कहे जाने वाले कोयला कर्मियों का नया वेतन समझौता लंबे समय से लंबित है। आज पूरे भारत के कोल इंडिया और उसकी सभी अनुषंगी कंपनियों (Subsidiaries) के लाखों कोल कर्मचारियों की नजरें और उम्मीदें इस 12वें JBCCI के गठन पर टिकी हुई हैं। कर्मचारी पूरी निष्ठा से चौबीसों घंटे देश को ऊर्जा से रोशन करने के लिए खदानों में पसीना बहा रहे हैं, लेकिन प्रबंधन और सरकार की ओर से वार्ता समिति के गठन में हो रही लगातार देरी ने उनके सब्र का बांध तोड़ दिया है। इस ढुलमुल रवैये से देश भर के कोयला कामगारों में गहरा आक्रोश और निराशा व्याप्त है।
संयुक्त श्रम संघ ने प्रबंधन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समय रहते वार्ता समिति का तत्काल गठन कर नियमित द्विपक्षीय बातचीत शुरू नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में औद्योगिक शांति भंग हो सकती है और श्रमिक उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे, जिससे होने वाले किसी भी प्रकार के उत्पादन नुकसान की पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।
मुख्य माँगें एवं बिंदु:
1. 12वें वेतन समझौते (JBCCI-XII) के लिए राष्ट्रीय स्तर पर वार्ता समिति का तत्काल गठन किया जाए।
2. एक निश्चित समय सीमा निर्धारित कर नियमित द्विपक्षीय वार्ता शुरू की जाए ताकि समझौता जल्द लागू हो सके।
3. जे बी सी सी आई 11वां के लंबित मांगों को लागू किया जाएँ
4. कोयला कामगारों के सामाजिक सुरक्षा, वेतन विसंगतियों और कल्याणकारी हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए
इस ऐतिहासिक प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए सभी चारों प्रमुख श्रम संघों के अध्यक्ष, महामंत्री के साथ-साथ क्षेत्रीय पदाधिकारी, परियोजना पदाधिकारी एवं सैकड़ों की संख्या में निष्ठावान सदस्य और श्रमिक साथी एकजुट होकर उपस्थित रहे। सभी ने गगनभेदी नारों के साथ प्रबंधन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।







