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हरियाली सावन तीज महोत्सव में गूंजा नारी सम्मान और छत्तीसगढ़ी संस्कृति का संदेश

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राजेन्द्र जायसवाल/ जिला जांजगीर-चांपा –

चांपा जांजगीर चांपा द्वारा 11 अगस्त 2026 को सद्गुरु कबीर धाम, चांपा में हरियाली सावन तीज महोत्सव का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। समारोह में नारी शक्ति के सम्मान, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सहभागिता तथा छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं के संरक्षण का संदेश प्रमुखता से सामने आया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला जांजगीर-चांपा के पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पाण्डेय रहे। उनके हाथों महतारी सेवा समिति की महिला सदस्यों सहित सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को प्रशस्ति प्रमाण पत्र एवं शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह ने महिला सदस्यों के उत्साह को बढ़ाया और सामाजिक कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका को नई ऊर्जा प्रदान की।

तीज के बहाने नारी शक्ति का सम्मान
महतारी सेवा समिति ने तीज महोत्सव को केवल पारंपरिक पर्व तक सीमित न रखते हुए इसे नारी सम्मान और महिला सशक्तिकरण से जोड़ा। पारंपरिक परिधान में सजी महिलाओं की सहभागिता, सावन की हरियाली, तीज की उमंग और लोक संस्कृति से जुड़े वातावरण ने पूरे आयोजन को जीवंत बना दिया।

मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने महिलाओं की सामाजिक भूमिका और समाज निर्माण में उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक एकजुटता बढ़ाने के साथ-साथ हमारी सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं। उपस्थित अतिथियों ने भी महिलाओं को प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ाने और छत्तीसगढ़ी लोक परंपराओं के संरक्षण पर जोर दिया।

गणमान्य अतिथियों की रही उपस्थिति
समारोह में डॉ. खेमा दास महंत, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, कृषि विज्ञान केंद्र जांजगीर-चांपा, राष्ट्रीय पुरस्कृत महिला कृषक श्रीमती सुशीला गबेल, सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती अनुराधा शुक्ला, श्रीमती तान्या अनुरागी पाण्डेय, श्रीमती संगीता पाण्डेय, श्रीमती काजल कसेर, डॉ. एम.डी. मानिकपुरी, श्री तुलसी दास महंत, श्रीमती सीताराम तारम, डीएसपी जांजगीर श्रीमती योगिता खरपड़े, प्रधान वैज्ञानिक डॉ. आशीष, सामाजिक कार्यकर्ता श्री दीपक मनहर, श्री सुरेंद्र लहरे, श्री दीपक यादव, श्री दीपक तिवारी, डॉ. सुरेश देवांगन, श्री दीनदयाल यादव, मास्टर ट्रेनर कृषक श्री नारायण कुमार, मुख्यमंत्री से सम्मानित उन्नत युवा कृषक श्री अंशु यादव, योग ट्रेनर मीता यादव, श्री रूपेश कंवर, दूरदर्शन से श्रीमती सविता पटेल तथा नवाचारी युवा महिला कृषक कु. धनेश्वरी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

लोक संस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ने का प्रयास
छत्तीसगढ़ में तीज महिलाओं की आस्था, उल्लास और सामाजिक सहभागिता से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। महतारी सेवा समिति ने इस परंपरागत पर्व को सामाजिक सरोकारों से जोड़ते हुए यह संदेश दिया कि महिलाएं परिवार की आधारशिला होने के साथ-साथ समाज, संस्कृति और परंपराओं की महत्वपूर्ण संरक्षक भी हैं।

सावन के गीतों, तीज की उमंग और पारंपरिक वातावरण ने समारोह में छत्तीसगढ़ी संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की। आयोजन में महिलाओं की सामूहिक सहभागिता ने यह भी रेखांकित किया कि लोक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने में महिला शक्ति की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

समिति की महिला सदस्यों ने संभाली आयोजन की जिम्मेदारी
महोत्सव को सफल बनाने में महतारी सेवा समिति मानिकपुरी समाज की जिला अध्यक्ष श्रीमती रमशिला मानिकपुरी, जिला उपाध्यक्ष श्रीमती शकुनतला महंत, जिला सचिव श्रीमती संदीपा मानिकपुरी तथा जिला कोषाध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी मानिकपुरी सहित समिति की अनेक सदस्याओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस अवसर पर श्रीमती मधुलता महंत, श्रीमती राजकुमारी महंत, श्रीमती महेश्वारी मानिकपुरी, श्रीमती रंजनी महंत, श्रीमती बबली मानिकपुरी, श्रीमती सोनिया महंत, श्रीमती मधु मानिकपुरी, श्रीमती तुलसी मानिकपुरी, श्रीमती कृष्णा महंत, श्रीमती रुक्मणि मानिकपुरी, श्रीमती मीना नागरा, श्रीमती राधिका मानिकपुरी, श्रीमती ममता मानिकपुरी, श्रीमती निशा महंत, श्रीमती अंजली मानिकपुरी, श्रीमती प्रीति महंत, श्रीमती कृति महंत एवं श्रीमती बबली महंत सहित बड़ी संख्या में महिला सदस्य उपस्थित रहीं।

सम्मान ने बढ़ाया सामाजिक कार्यों का उत्साह
समारोह में महिला सदस्यों एवं सामाजिक क्षेत्र में योगदान देने वाले लोगों का सम्मान कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। सम्मानित महिलाओं ने सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी बनाए रखने तथा महिला सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।
महतारी सेवा समिति का मानना है कि ऐसे आयोजन महिलाओं को अपनी प्रतिभा और सामाजिक भूमिका को सामने रखने का मंच प्रदान करते हैं। साथ ही, इनके माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों, लोक परंपराओं और छत्तीसगढ़ी विरासत से जोड़ने का अवसर मिलता है।

नारी सम्मान और संस्कृति संरक्षण का संदेश
“जय जोहार, जय छत्तीसगढ़” के संदेश के साथ संपन्न हुआ हरियाली सावन तीज महोत्सव नारी सम्मान, सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक संरक्षण का सुंदर संगम बना। आयोजन ने यह संदेश दिया कि नारी शक्ति का सम्मान और अपनी संस्कृति का संरक्षण समाज की प्रगति के दो महत्वपूर्ण आधार हैं। महतारी सेवा समिति का यह प्रयास सावन की हरियाली और तीज की उमंग के साथ सामाजिक चेतना तथा छत्तीसगढ़ी संस्कृति की खुशबू को भी जन-जन तक पहुंचाने वाला साबित हुआ।

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