विमल सोनी –
छत्तीसगढ़ बिलासपुर में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियनों (यूएफबीयू) ने पांच दिन बैंकिंग लागू करने की मांग को लेकर केंद्र के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार पर अनावश्यक देरी का आरोप लगाया। यदि सरकार जल्द ही कार्रवाई नहीं करती, तो हड़ताल की चेतावनी दी गई है। प्रदर्शन में विभिन्न बैंक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
सप्ताह में पांच दिवसीय बैंकिंग को लेकर कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
बिलासपुर , यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग लागू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। बुधवार को बिलासपुर स्थित सेंट्रल बैंक व्यपार विहार के बाहर बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने प्रदर्शन करते हुए सरकार पर अनावश्यक देरी करने का आरोप लगाया है। यूएफबीयू की ओर से पूर्व में समझौता ज्ञापन और संयुक्त टिप्पणी में इस मांग पर सहमति जताई गई थी और इसे सरकार के पास सिफारिश के लिए भेजा गया था। हालांकि, लंबे समय से इस पर कोई अंतिम फैसला न लेकर अनावश्यक देरी की जा रही है।

बैंक कर्मचारी बोले, पांच दिन का कार्य दिवस लागू करो
यदि सरकार ने जल्द ही इस पांच दिवसीय बैंकिंग के संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की, तो यूएफबीयू आगामी दिनों में देशव्यापी हड़ताल सहित और अधिक उग्र आंदोलन शुरू करने को बाध्य होगा। इस प्रदर्शन में यूएफबीयू के घटक संगठनों एआईबीईए, एआईबीओसी, एनसीबीई, एआईबीओए, बीईएफआई, आईएनबीओसी और आईएनबीईएफ के प्रतिनिधियों और सदस्यों ने भाग लिया।
बैंकिंग क्षेत्र में स्टाफ की भारी कमी तथा बढ़ते कार्यभार के कारण बैंक कर्मचारी एवं अधिकारी अत्यधिक दबाव में कार्य कर रहे हैं। अनेक कर्मचारी निर्धारित समय से अधिक कार्य करने को बाध्य हैं तथा अधिकारियों को शनिवार एवं रविवार को भी कार्य के लिए बुलाया जाता है। ऐसे में कार्य-जीवन संतुलन सुनिश्चित करने के लिए शेष शनिवारों को अवकाश घोषित करना पूर्णतः न्यायसंगत एवं आवश्यक मांग है। सभी ने केंद्र सरकार और भारतीय बैंक संघ के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस मौके पर छत्तीसगढ़ बैंक एंप्लॉई एसोसिएशन के पदाधिकारी पंकज पांडे , रूपेश कुमार, हेनरी जोसेफ, पंकज तिवारी समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।







