भोपाल/वाराणसी/उत्तरकाशी। मध्य प्रदेश से लेकर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड तक मानसून की तेज बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। कई इलाकों में नदियां और नाले उफान पर हैं, जबकि निचले क्षेत्रों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सीधी में छह महीने पहले बनी सड़क का बड़ा हिस्सा बहा
मध्य प्रदेश के सीधी जिले में रामपुर नैकिन क्षेत्र के खैरा-डिठौरा मार्ग पर करीब छह महीने पहले बनाई गई सड़क भारी बारिश की चपेट में आ गई। करीब 104 करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़क का हिस्सा कटकर बह गया। सड़क क्षतिग्रस्त होने से कई गांवों के आवागमन पर असर पड़ा है। जल निकासी की व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन ने मरम्मत का काम शुरू कराया है।

MP के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का दौर जारी है। नदियों और बरसाती नालों के उफान पर आने से कई जगह बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
यूपी में बाढ़ का असर बढ़ा, वाराणसी में गंगा उफान पर
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। वाराणसी में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और वरुणा नदी के किनारे बसे इलाकों में पानी घरों तक पहुंच गया है। शहर के सभी 86 घाट जलमग्न होने की जानकारी सामने आई है।
उत्तराखंड में बारिश और भूस्खलन से रास्ते प्रभावित
उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के चलते सड़कें और हाईवे प्रभावित हुए हैं। उत्तरकाशी में पहले भी गंगोत्री और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग अलग-अलग स्थानों पर मलबा और रॉकफॉल के कारण बाधित हुए हैं। वहीं टिहरी क्षेत्र में मसूरी-कैंपटी मार्ग पर सड़क का हिस्सा बहने से यातायात प्रभावित हुआ।







