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नगरची गोंडवाना समाज की महासभा में शामिल हुए अनुसूचित जनजाति आयोग अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी एवं पूर्व विधायक रंजना साहू, समाज की एकता को बताया सबसे बड़ी ताकत

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जय सेवा और जय जोहार से गूंजा धमतरी: नगरची गोंडवाना समाज की महासभा में आयोग अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी एवं रंजना साहू ने भरा जोश
रिपोर्ट-खिलेश साहू
धमतरी- छत्तीसगढ़ आदिवासी नगरची गोंडवाना समाज की महासभा रविवार को धमतरी के शहीद वीर नारायण सिंह सामुदायिक भवन में भव्य रूप से आयोजित की गई।
इस महासभा में अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी,पिछड़ा वर्ग आयोग नेहरू निषाद एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक श्रीमती रंजना दीपेंद्र साहू मुख्य रूप से शामिल हुए। जहाँ समाज के वरिष्ठों एवं युवाओं ने उनका आत्मीय स्वागत किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि रूपसिंह मंडावी,अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग ने कहा छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग का अध्यक्ष होने के नाते मैं कहना चाहता हूँ कि नगरची गोंडवाना समाज हमारी संस्कृति का गौरव है। हमारी सरकार आदिवासी समाज के जल, जंगल, जमीन के साथ-साथ शिक्षा, स्वावलंबन और परम्परागत संस्कृति के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
 
आज की इस महासभा में जो मुख्य विषय रखे गए – युवाओं को शिक्षा से जोड़ना, नशे से दूर रखना, और समाज की एकता – यही हमारे माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी का भी संकल्प है।
मैं आप सभी को आश्वस्त करता हूँ कि आयोग हमेशा आपके अधिकारों की रक्षा और योजनाओं के सही क्रियान्वयन के लिए आपके साथ खड़ा है। समाज की कोई भी समस्या हो, आयोग के दरवाजे आपके लिए हमेशा खुले हैं।
आइए हम सब मिलकर शिक्षित, संगठित और विकसित गोंडवाना समाज बनाएं।
वहीं सभा को संबोधित करते हुए श्रीमती रंजना साहू ने कहा कि “नगरची गोंडवाना समाज हमारी गौरवशाली आदिवासी परंपरा का वाहक है। छत्तीसगढ़ की असली पहचान हमारे आदिवासी भाई-बहनों से ही है। आज जिस तरह पूरा समाज एक मंच पर एकजुट हुआ है, वह आने वाली पीढ़ी के लिए शिक्षा और विकास के नए रास्ते खोलेगा।
मैं हमेशा कहती हूं – समाज जब एकजुट होता है, तभी विकास होता है। आज जिस तरह माताएं, बहनें, बुजुर्ग और युवा एक मंच पर आए हैं, यही एकता हमारी सबसे बड़ी ताकत है।
भारतीय जनता पार्टी और हमारी सरकार हमेशा आदिवासी समाज के उत्थान के लिए संकल्पित है। जल, जंगल, जमीन के साथ-साथ शिक्षा, रोजगार और सम्मान – ये आदिवासी समाज का अधिकार है और हम इसके लिए हमेशा आपके साथ खड़े हैं।

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