संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल
जिला जांजगीर-चांपा रायपुर। राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ की प्रदेश कार्यसमिति की महत्वपूर्ण बैठक रायपुर कलेक्ट्रेट स्थित सभा कक्ष (टाउन हॉल) में आयोजित हुई। बैठक में प्रदेशभर से पहुंचे पदाधिकारियों ने संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा करते हुए आगामी छह माह की कार्ययोजना पर विस्तार से मंथन किया। बैठक में कर्मचारी-अधिकारियों की लंबित मांगों को लेकर शासन के समक्ष प्रभावी ढंग से पक्ष रखने तथा संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने का निर्णय लिया गया।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में श्रम कल्याण बोर्ड छत्तीसगढ़ शासन के अध्यक्ष एवं राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त योगेश दत्त मिश्रा, राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी महासंघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष गौरव कुमार सोनी, अखिल भारतीय महामंत्री आर.के. श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ प्रभारी विपन कुमार डोंगरा, भारतीय मजदूर संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश महामंत्री संघ ध्वनि सिंह बनाफर, राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी कुमार चेलक, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। मंच का संचालन राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश महामंत्री बोधी राम निषाद ने किया।

सेवानिवृत्त एवं पूर्व पदाधिकारियों का सम्मान
बैठक के दौरान संगठन के पूर्व प्रदेश पदाधिकारियों एवं सेवानिवृत्त पदाधिकारियों का सम्मान किया गया। उन्हें श्रीफल, भगवा गमछा, गुलाब पुष्प एवं स्मृति चिह्न भेंट कर संगठन के प्रति उनके योगदान को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि संगठन की मजबूती में वरिष्ठ पदाधिकारियों के अनुभव और मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
छह माह के कार्यों की समीक्षा, अगले छह माह की रणनीति तय
प्रदेश कार्यसमिति बैठक में पिछले छह माह में संगठन द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही आगामी छह माह के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई। आगामी प्रदेश कार्यसमिति की बैठक धमतरी में आयोजित करने तथा अखिल भारतीय अभ्यास वर्ग आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
संगठन विस्तार को प्राथमिकता देते हुए आगामी तीन माह के भीतर प्रदेश के विभिन्न जिलों में जिला कार्यकारिणी तथा ब्लॉक स्तर पर इकाइयों के गठन की प्रक्रिया पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे कर्मचारियों की समस्याओं को स्थानीय स्तर पर उठाने और संगठन की पहुंच को और व्यापक बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
एक अक्टूबर की आक्रोश रैली में हजारों कर्मचारियों की भागीदारी का आह्वान
बैठक में भारतीय मजदूर संघ द्वारा प्रस्तावित एक अक्टूबर की आंदोलनात्मक आक्रोश रैली को लेकर भी रणनीति बनाई गई। राज्य कर्मचारी संघ ने प्रदेश के विभिन्न विभागों के कर्मचारी-अधिकारियों की बड़ी संख्या में सहभागिता सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों और अधिकारों को लेकर संगठन लोकतांत्रिक एवं संगठित तरीके से अपनी आवाज बुलंद करेगा।

मुख्यमंत्री से मुलाकात कर रखी जाएंगी लंबित मांगें
बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से सौजन्य भेंट कर कर्मचारी-अधिकारियों की लंबित समस्याओं और मांगों के समाधान के लिए चर्चा करने का निर्णय लिया गया। बैठक में प्रमुख रूप से केंद्र के समान दो प्रतिशत महंगाई भत्ता देय तिथि से लागू करने, छत्तीसगढ़ में मध्यप्रदेश शासन की तर्ज पर चतुर्थ समयमान वेतनमान लागू करने तथा विभिन्न विभागों में लंबित पदोन्नतियों का लाभ दिलाने की मांग को प्रमुखता से रखा गया।
इसके अलावा राजस्व विभाग में कार्यरत पटवारियों, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों की लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को गति देने, शिक्षा विभाग में शिक्षकों की सेवा गणना नियुक्ति तिथि से किए जाने तथा वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता समाप्त किए जाने की मांग भी बैठक में प्रमुखता से उठी।
पंचायत विभाग में कार्यरत पंचायत सचिवों के शासकीयकरण, महिला एवं बाल विकास विभाग में कार्यरत पर्यवेक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने सहित विभिन्न कर्मचारी हितैषी मांगों को लेकर प्रस्ताव पारित किए गए। सभी प्रस्तावों पर उपस्थित पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया।
प्रदेशभर से पहुंचे पदाधिकारी
बैठक में भारतीय मजदूर संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश वित्त मंत्री ओ.पी. पाल, वीरेंद्र नामदेव, टी.आर. देवांगन, अमोद श्रीवास्तव, मनीराम कौशिक, डॉ. विनोद वर्मा, एल.एन. वर्मा, मनोहर चंदेल, खुमान सिंह, तार सिंह बोस, लच्छु राम निषाद, लोचन साव, विजय केवर्त, मोहम्मद अंसारी, वीरेंद्र देवांगन, प्रकाश सिंह, सरोज खोबरागणेश, रश्मिता मिश्रा, कशीश मानिकपुरी, प्रियंका सिंह सेंगर, डॉ. शशिभूषण शर्मा, वीरेंद्र देशलहरा, वीरेंद्र यदु, चन्द्रिका पाण्डेय, पुष्पराज चंदेल, नागेंद्र सिंह सहित प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, संभाग अध्यक्ष, सचिव, जिला संयोजक, सह-संयोजक तथा विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रमुख एवं सह-प्रमुख समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी-अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए अतिथियों ने कर्मचारी हितों की रक्षा, संगठनात्मक एकजुटता और जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया। प्रदेश महामंत्री बोधी राम निषाद ने बैठक में लिए गए निर्णयों एवं आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दों को संगठित और प्रभावी तरीके से शासन के समक्ष रखा जाएगा तथा लंबित मांगों के समाधान के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाएंगे।
राज्य कर्मचारी संघ की यह प्रदेश कार्यसमिति बैठक आने वाले समय में कर्मचारी हितों से जुड़े आंदोलनों, संगठन विस्तार और शासन स्तर पर संवाद की दिशा तय करने वाली महत्वपूर्ण बैठक के रूप में देखी जा रही है।







