वाराणसी/पटना/भोपाल। देश के कई हिस्सों में मानसून का असर अब भी तेज है। वाराणसी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने के बाद अब कमी दर्ज की जा रही है, लेकिन घाटों और निचले इलाकों में बाढ़ का असर बना हुआ है। दूसरी ओर मध्य प्रदेश में 26 से 29 अगस्त तक कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। बिहार में भी बारिश और गरज-चमक का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
काशी में बाढ़ का असर, अब पानी उतरना शुरू
वाराणसी में गंगा का पानी बढ़ने से शहर के सभी प्रमुख घाट जलमग्न हो गए थे। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर भी पानी पहुंचने से अंतिम संस्कार की व्यवस्था प्रभावित हुई। कई जगह सामान्य स्थानों के बजाय गलियों और ऊपरी हिस्सों में अंतिम संस्कार करना पड़ा।
हालांकि 26 अगस्त के ताजा अपडेट में राहत की खबर है। गंगा का जलस्तर पिछले 24 घंटे में करीब 80 सेंटीमीटर नीचे आया है। पानी घटने के बाद प्रभावित लोग धीरे-धीरे अपने घरों की ओर लौट रहे हैं, लेकिन घाटों पर कीचड़ और गंदगी जमा होने से सामान्य गतिविधियां अभी पूरी तरह बहाल नहीं हुई हैं।
5 हजार से ज्यादा दुकानदारों की रोजी-रोटी प्रभावित
बाढ़ के कारण घाटों के आसपास कारोबार करने वाले हजारों छोटे दुकानदारों और कारोबारियों पर सीधा असर पड़ा है। फूल-माला, पूजा सामग्री, चाय-नाश्ता, खान-पान और पर्यटकों से जुड़े कारोबार प्रभावित हुए हैं।
घाटों पर दुकानें हटने और श्रद्धालुओं की आवाजाही कम होने से रोज कमाने वाले परिवारों की आमदनी पर बड़ा असर पड़ा है। कई दुकानदारों ने घाट से हटकर सड़क या गलियों में अस्थायी दुकानें लगाने की कोशिश की है।

नाव संचालन पर भी असर
गंगा का जलस्तर और तेज बहाव बढ़ने के कारण नाव संचालन भी प्रभावित हुआ। इससे नाविक परिवारों की आमदनी पर संकट आया है। बाढ़ के दौरान यात्रियों की संख्या घटने और प्रशासनिक पाबंदियों के कारण नाविकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
अंतिम संस्कार की व्यवस्था भी प्रभावित
काशी के प्रमुख श्मशान घाटों में बाढ़ का असर सबसे गंभीर रहा। पानी भरने से शवदाह के लिए उपलब्ध जगह कम हो गई। गीली लकड़ियों के कारण चिता जलने में सामान्य से ज्यादा समय लगा और लोगों को अंतिम संस्कार के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
12 घंटे में 128 मिमी बारिश, काशी में फिर बारिश की संभावना
बाढ़ के बीच वाराणसी में हाल में भारी बारिश भी हुई। 12 घंटे में 128 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसके बाद शहर में जलभराव की स्थिति और गंभीर हुई। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में भी बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे में गंगा का जलस्तर भले ही घट रहा हो, लेकिन लगातार बारिश होने पर निचले इलाकों में दोबारा जलभराव की स्थिति बन सकती है।
बिहार में भी बारिश से बढ़ सकती है परेशानी
बिहार में भी मानसून सक्रिय है। IMD के 26 अगस्त के पूर्वानुमान के मुताबिक राज्य में 26 से 31 अगस्त के बीच कई जगह गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। 26 अगस्त को बिहार में व्यापक बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि आगे कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश जारी रह सकती है।
नदियों के जलस्तर और लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। स्थानीय स्तर पर जलभराव और आवागमन प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
मध्य प्रदेश में अगले 4 दिन बारिश का दौर
मध्य प्रदेश के लिए भी मौसम विभाग ने राहत के बजाय बारिश का सिलसिला जारी रहने का संकेत दिया है। IMD के ताजा अलर्ट के मुताबिक 26 और 27 अगस्त को पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 28 और 29 अगस्त को भी भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।
IMD के 26 अगस्त के राष्ट्रीय बुलेटिन के अनुसार पश्चिमी मध्य प्रदेश में 26 अगस्त को व्यापक बारिश और पूर्वी मध्य प्रदेश में 26 से 29 अगस्त तक व्यापक बारिश की संभावना है।
नदियों और नालों पर नजर जरूरी
प्रदेश के कई हिस्सों में पहले से ही भारी बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। कुछ जिलों में बाढ़ जैसे हालात भी बन चुके हैं। ऐसे में लगातार बारिश होने पर निचले इलाकों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
छत्तीसगढ़ में भी बारिश का सिलसिला
मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ में भी 26 से 31 अगस्त तक व्यापक बारिश की संभावना जताई है। इसके चलते नदी-नालों के जलस्तर पर नजर रखने और निचले इलाकों में सावधानी बरतने की जरूरत है।
ताजा स्थिति एक नजर में
वाराणसी: गंगा का जलस्तर घटा, 24 घंटे में करीब 80 सेमी कमी; घाटों पर कीचड़ और गंदगी के कारण सामान्य स्थिति लौटने में समय लगेगा।
काशी: हाल की भारी बारिश में 12 घंटे में 128 मिमी वर्षा दर्ज हुई।
बिहार: 26 से 31 अगस्त तक बारिश और गरज-चमक की संभावना।
मध्य प्रदेश: 26-29 अगस्त तक कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान।
छत्तीसगढ़: 26-31 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश की संभावना।
मौसम विभाग ने लोगों से नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने तथा स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है।







