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जन्माष्टमी की तैयारी के दौरान बड़ा हादसा: हाईटेंशन तार की चपेट में आया युवक, CIMS में इलाज जारी

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योगेन्द्र राठौर/बिलासपुर। जन्माष्टमी के पर्व को लेकर शहर में दही-हांडी कार्यक्रम की तैयारियां चल रही थीं, इसी दौरान शुक्रवार को राजीव गांधी चौक में बड़ा हादसा हो गया। दही-हांडी के लिए ऊंचाई पर मटकी बांधने के दौरान एक युवक पास से गुजर रहे हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आ गया। करंट लगने से युवक गंभीर रूप से झुलस गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

मटकी बांधते समय हाईटेंशन तार के संपर्क में आया युवक

जानकारी के मुताबिक, राजीव गांधी चौक में जन्माष्टमी के अवसर पर दही-हांडी कार्यक्रम की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान एक युवक ऊंचाई पर चढ़कर मटकी बांध रहा था। बताया जा रहा है कि काम के दौरान वह पास से गुजर रहे हाईटेंशन बिजली तार के संपर्क में आ गया।

हाईटेंशन तार की चपेट में आते ही युवक करंट से झुलस गया और ऊंचाई पर ही फंस गया। अचानक हुए हादसे से कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों ने तत्काल स्थिति संभाली और घायल युवक को सावधानीपूर्वक नीचे उतारा।

घायल रेहान खान को पहुंचाया गया CIMS

हादसे में घायल युवक की पहचान रेहान खान के रूप में बताई जा रही है। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से उसे तत्काल उपचार के लिए सिम्स अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। युवक की वर्तमान स्थिति को लेकर चिकित्सकीय जानकारी सामने आना बाकी है।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलने के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनाक्रम की जानकारी जुटाई। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि दही-हांडी कार्यक्रम की तैयारियों के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे या नहीं।

सार्वजनिक आयोजन में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

जन्माष्टमी के अवसर पर होने वाले दही-हांडी जैसे सार्वजनिक आयोजनों में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रहती है। ऐसे में ऊंचाई पर काम करने के दौरान आसपास मौजूद बिजली की हाईटेंशन लाइनों से विशेष सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

राजीव गांधी चौक की इस घटना ने सार्वजनिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा इंतजामों और बिजली लाइनों के आसपास सावधानी बरतने की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी बड़े आयोजन से पहले आयोजकों और संबंधित विभागों को कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर संभावित खतरों को चिन्हित करना चाहिए, ताकि उत्सव के दौरान किसी तरह की अनहोनी को रोका जा सके।

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