-सेवानिवृत्त शिक्षकों का किया गया सम्मान, कवियों ने अपनी रचनाओं से बांधा समां
राजिम। त्रिवेणी संगम साहित्य समिति राजिम के बैनर तले डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन शिक्षक दिवस के तत्वाधान में राजिम पथर्रा साहित्य सदन में संभाग स्तरीय सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान किया गया जिसमें रायपुर जिला गरियाबंद जिला धमतरी जिला के शिक्षकों का सम्मान किया गया कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एच एल साहू पूर्व विकासखंड शिक्षा अधिकारी फिंगेश्वर अध्यक्षता लाला साहू अध्यक्ष राजिम भक्तिन मंदिर समिति, द्वारा मकसूदन राम साहू एवं विशिष्ट अतिथि रेखा कुलेश्वर साहू पार्षद वार्ड नंबर 15 नगर पंचायत राजिम, मुख्य वक्ता के रूप में भारत लाल साहू शिक्षक एवं साहित्यकार रहे.
पूर्व विकासखंड शिक्षा अधिकारी एच एल साहू ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षक अपने दायित्व का निर्वहन करें तो समाज और देश की दशा और दिशा बदल सकती है जिस प्रकार से आचार्य इसका मतलब ही होता है कि अपने आचार के द्वारा शिक्षा का संदेश देता है बोलने की जरूरत ही नहीं पड़ती है, मुख्य वक्ता के रूप में भारत लाल साहू ने समिति के बारे में परिचयात्मक पक्ष रखा एवं डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी प्रदान किया, अध्यक्षता कर रहे मकसूदन राम साहू ने सभी को शिक्षक दिवस की बधाई संप्रेषित किया विशिष्ट अतिथि के रूप में विराजे रेखा कुलेश्वर साहू ने कार्यक्रम की भूरि भूरि प्रशंसा की सराहनीय कदम बताया, शिक्षकों के सम्मान को गर्व की बात कही एवं बधाई देते हुए सहयोग करने की बात कही.
कार्यक्रम तीन चरणों में संपन्न हुआ जिसमें सर्वप्रथम नवनिर्मित साहित्य सदन में एक कु़ंडिय गायत्री यज्ञ हवन पूजा पाठ एवं माता सरस्वती की प्रतिमा का प्राण प्रतिष्ठा किया गया दूसरे चरण में शिक्षकों का सम्मान किया गया जिसमें रूपेंद्र साहू सेवानिवृत्त प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला कोठी गांव सेवानिवृत्त भुवनेश्वर पटेल उच्च श्रेणी शिक्षक आलेखूंटा सेवानिवृत्त शंकर लाल साहू उच्च श्रेणी शिक्षक रोहिना केवल राम साहू सेवानिवृत्त प्रधान पाठक, भैंसमुंडी, मगरलोड धमतरी जिला सुखी राम साहू सेवानिवृत्ति प्रधान पाठक करकरा गरियाबंद मकसूदन राम साहू सेवानिवृत्तप्रधान पाठक नवापारा रायपुर जिला सभी शिक्षकों का सम्मान श्रीफल साल मोमेंटो प्रशस्ति पत्र प्रदान कर किया गया.
तीसरे चरण में भव्य कवि सम्मेलन का आगाज हुआ जिसमें प्रथम गुरु वंदना राज्यपाल पुरुस्कृत शिक्षक किशोर निर्मलकर शिक्षक के द्वारा माता सरस्वती वंदना एवं गुरु वंदना के साथ प्रारंभ किया गया प्रथम कवि के रूप में कोमल सिंह साहू प्राचार्य करेली बड़ी ने गरियाबंद जिला के बारे में अपने कविता के माध्यम से प्रस्तुति दी नरेंद्र कुमार पार्थ ने भारत को फिर से विश्व गुरु बनाना है और जो जो आविष्कृत किए गए हैं उन आविष्कारों के के साथ में कविता पाठ किया मोहनलाल मानिकपन भावुक ने संस्कार पर कविता पढ़ी रोहित कुमार साहू माधुर्य ने बेटी पर कविता पढ़ी रामेश्वर रंगीला ने गजल के माध्यम से श्रृंगार रस पर कविता पढ़ी, तुषार शर्मा नादान ने छत्तीसगढ़िया सबसे बढ़िया पर कविता पड़ी डॉ रमेश कुमार सोनसायटी ने समसामयिक घटना पर आधारित कविता पाठ किया
सन छब्बीस के बारीस में हाहाकार मचगे
सब झन के जिन्गानी में हाहाकार मचगे। श्रवण कुमार साहू ने लघु कथा के माध्यम से गुरु शिष्य परंपरा को रेखांकित किया इस प्रकार से प्रेरणादाई रचना का पाठ सभी कवियों ने किया , कार्यक्रम में ग्रामीण जन एवं वरिष्ठ प्रबुद्ध ज्येस्ट श्रेष्ट नागरिकों की उपस्थिति रही.
कार्यक्रम का संचालन तुषार शर्मा नादान एवं मोहनलाल मानिकपन ने आभार व्यक्त कर कार्यक्रम की समापन की घोषणा की.







