अमेरिकी संसद में सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट बिल-2026 पास हो गया है। यह बिल रूसी तेल (Russian oil)-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक आयात शुल्क लगाने का अधिकार देता है। इसके पास होने के बाद भारत पर 100% टैरिफ (100% tariff on India) लगने का खतरा मंडराने लगा है। बिल के पास होने के बाद भारत सरकार ने बयान जारी किया है। भारत ने अमेरिका के आगे झुकने से इनकार करते हुए कहा कि अपने 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा जरूरतों के लिए विविध स्रोतों से तेल और गैस खरीदना जारी रखेंगे। हम अपनी जनता के लिए कोई समझौता नहीं करेंगे।
विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में कहा कि भारत ने अमेरिकी कांग्रेस में रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने संबंधी अधिनियम पारित किए जाने का संज्ञान लिया है। भारत सरकार ने यह भी दोहराया कि वह पहले भी कई बार कह चुका है कि उसकी प्राथमिकता अपने डेढ़ अरब से ज्यादा लोगों को ऊर्जा सुरक्षा देना है। इसके लिए भारत अलग अलग देशों से तेल और गैस खरीदता रहेगा। बाजार की बदलती परिस्थितियों के हिसाब से फैसले लेता रहेगा।
भारत ने कहा कि इस मुद्दे पर हाल के महीनों में अमेरिकी अधिकारियों के साथ उच्च स्तर पर बातचीत हुई है। भारत ने अमेरिका को यह भी बताया है कि इन प्रतिबंधों का असर सिर्फ भारत-अमेरिका संबंधों पर नहीं, बल्कि पूरे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, “भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए साफ किया कि 140 करोड़ लोगों की ऊर्जा जरूरतों से किसी तरह का कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
बता दें कि भारत पर 100% टैरिफ लगाने वाला बिल अमेरिकी संसद से पास हो गया है। बुधवार देर रात अमेरिकी हाउस में सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट बिल-2026 पास हो गया। बिल के पक्ष में 262 और विरोध में 159 वोट पड़े। यह बिल रूसी तेल (Russian oil)-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक आयात शुल्क लगाने का अधिकार देता है। अमेरिकी हाउस के दोनों सदन से पास होने के बाद अब इसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास साइन करने के लिए भेजा जाएगा। ट्रंप के साइन करते ही यह बिल कानून बन जाएगा और फिर भारत पर 00% टैरिफ लागू हो जाएगा।







