ज़िन्दगी में ठोकरें कम नहीं, ग़म भी कम नहीं,
जिसने ख़ुद को संभाल लिया, उसकी ख़ुशी कम नहीं।
लोग मिलेंगे, बिछुड़ेंगे, सुख-दुःख कम नहीं,
जिसने रिश्ते निभा लिए, उसके हिस्से चैन कम नहीं।
राहों में मुश्किलें आएँगी, मंज़िलें आसान नहीं,
जिसने हौसला न खोया, उसके लिए कुछ नामुमकिन नहीं।
वक़्त कभी एक-सा रहता नहीं, दिन भी एक-से नहीं,
जिसने वक़्त को समझ लिया, उसके कदम फिर रुके नहीं।
अपने भी कभी रूठेंगे, पराए भी कम नहीं,
जिसने दिल साफ़ रखा, उसके मन में कोई ग़म नहीं।
दौलत, शोहरत साथ न जाएँ, इससे बड़ा सच कुछ नहीं,
जिसने नेकियाँ बाँट दीं, उससे बड़ा धनवान कोई नहीं।
ज़िन्दगी थोड़ी-सी है, शिकवे करने का वक़्त नहीं,
जिसने हँसकर जी लिया, उससे ख़ुशनसीब कोई नहीं।
✍️: राजकुमार सोनी, नया रायपुर







