संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल
जांजगीर। जहाँ दादा-दादी का स्नेह हो, नाना-नानी का आशीर्वाद हो और अपनों के साथ बिताए पलों में खुशियों की झिलमिलाहट हो, वहाँ हर क्षण यादगार बन जाता है। कुछ ऐसा ही मनमोहक नज़ारा देखने को मिला हरिराम गट्टानी मेमोरियल जय भारत इंग्लिश मीडियम स्कूल में आयोजित ग्रैंडपेरेंट्स डे समारोह में, जहाँ प्रेम, परंपरा और पारिवारिक संस्कारों का अनूठा संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। माँ सरस्वती के वंदन से पूरा वातावरण भक्तिमय और मंगलमय हो उठा। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्या ने अपने प्रेरणादायी संदेश में दादा-दादी एवं नाना-नानी के महत्त्व को रेखांकित करते हुए कहा कि वे बच्चों के जीवन में संस्कारों, अनुभवों और निःस्वार्थ प्रेम के सबसे अनमोल स्रोत हैं। उन्होंने बच्चों को अपने बुजुर्गों का सम्मान करने, उनकी सीख को जीवन में अपनाने तथा पारिवारिक मूल्यों को सदैव संजोकर रखने के लिए प्रेरित किया l इसके पश्चात दादा-दादी एवं नाना-नानी के स्नेह, आशीर्वाद और सम्मान को समर्पित ग्रैंडपेरेंट्स डे का उत्सव हर्षोल्लास के साथ आगे बढ़ा।
समारोह का वातावरण उस समय भावनाओं से भर उठा, जब बच्चों ने अपने दादा-दादी एवं नाना-नानी का आत्मीय स्वागत कर उनके प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त किया। नन्हे-मुन्ने बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों, आकर्षक नृत्यों और भावपूर्ण ग्रैंडपेरेंट्स एक्ट ने दर्शकों का दिल जीत लिया। हर प्रस्तुति में रिश्तों की खूबसूरती झलकी, तो हर तालियों की गूंज में अपनों के प्रति सम्मान और अपनत्व की भावना सुनाई दी।
बुजुर्गों ने खेलों में दिखाया उत्साह, मुस्कानों से खिल उठा परिसर
समारोह का सबसे रोमांचक हिस्सा रहा मनोरंजक खेलों का आयोजन, जिसमें ग्रैंडपेरेंट्स ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ भाग लेकर यह साबित कर दिया कि उम्र केवल एक संख्या है और खुश रहने का कोई निश्चित पड़ाव नहीं होता।
डिस्पोज़ल बॉल प्रतियोगिता में गायत्री देवी ने प्रथम, अनीता साहू ने द्वितीय तथा महेश प्रसाद राठौर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं, ब्लो द बैलून प्रतियोगिता में फूल साय धीवर प्रथम तथा चंद्रशेखर द्वितीय स्थान पर रहे। एक अन्य मनोरंजक खेल में श्याम बाई ने प्रथम और उषा धीवर ने द्वितीय स्थान हासिल किया। प्रतियोगिताओं के दौरान उत्साह, हँसी और तालियों ने पूरे माहौल को जीवंत बना दिया। विजेताओं को उपस्थित जनों ने बधाइयाँ दीं और उनके उत्साह की सराहना की।
इस अवसर पर विद्यालय अध्यक्ष श्री अशोक कुमार गट्टानी, संचालक श्री अजय कुमार गट्टानी, प्राचार्या श्रीमती गुरमीत कौर धनजल, प्रबंध समिति की सदस्य श्रीमती गंगा गट्टानी एवं श्रीमती सुनीता गट्टानी, शिक्षक-शिक्षिकाएँ तथा अभिभावकगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि दादा-दादी एवं नाना-नानी केवल परिवार के वरिष्ठ सदस्य नहीं, बल्कि अनुभवों के प्रकाशस्तंभ, संस्कारों के संवाहक और निस्वार्थ प्रेम के सबसे सुंदर प्रतीक हैं। उनका स्नेह बच्चों के बचपन को संवारता है और उनके संस्कार परिवार की जड़ों को मजबूत बनाते हैं।
ग्रैंडपेरेंट्स डे का यह आयोजन बच्चों और बुजुर्गों के बीच स्नेह के सेतु को और मजबूत कर गया। सचमुच, यह दिन केवल उत्सव नहीं, बल्कि उन अनमोल रिश्तों के सम्मान का अवसर बना, जिनकी छाँव में पीढ़ियाँ मुस्कुराती हैं और परिवार खुशियों से महकते हैं।







