कहानी कहने से अच्छा है कहानी बन जाना,
कुछ ऐसा कर जाना कि याद रखे ज़माना।
लफ़्ज़ों से अपनी पहचान बनाना है आसान,
कर्मों से पहचान बनाना ही है असली सम्मान।
कहते तो बहुत हैं लोग अपनी ज़िंदगी के फ़साने,
पर कम ही होते हैं जो बनते हैं यादों के तराने।
ऐसा जीवन जियो कि मिसाल बन जाए,
तुम्हारा हर कर्म एक कमाल बन जाए।
दुनिया में आना तो सभी का होता है,
मगर जीना वही, जब जीवन किसी के लिए होता है।
कहानी सुनाने से नाम कहाँ अमर होता है,
नाम तो वही अमर है, जो कर्मों से उजागर होता है।
इसलिए जियो यूँ कि बात बन जाए,
ज़िंदगी ख़ुद अपनी एक कहानी बन जाए।
✍️: राजकुमार सोनी, नया रायपुर







