बिलासपुर संवाददाता – रेशमा लहरे
‘संत और सिपाही : छत्तीसगढ़ साझा संकलन’ का होगा विमोचन, मेधावी छात्राओं और समाजसेवियों का किया जाएगा सम्मान
बिलासपुर। साहित्य, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से धरा वंदन छत्तीसगढ़ साहित्य एवं संस्कृति मंच द्वारा रविवार, 25 अक्टूबर को बिलासपुर में भव्य कवि सम्मेलन, सम्मान समारोह एवं पुस्तक विमोचन कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, मंगला में सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगा। इस दौरान
‘संत और सिपाही :
छत्तीसगढ़ साझा संकलन’ का विमोचन किया जाएगा।
आयोजन में साहित्यकारों और कवियों की रचनाओं के माध्यम से राष्ट्रभक्ति, भारतीय संस्कृति, सामाजिक चेतना और मानवीय मूल्यों के विभिन्न पहलुओं को सामने लाया जाएगा। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली मेधावी छात्राओं, गौ संरक्षण में योगदान देने वाले व्यक्तियों तथा समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया जाएगा।
कुलपति प्रो. वी.के. सारस्वत होंगे मुख्य अतिथि
कार्यक्रम में पंडित सुंदरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय, बिलासपुर के कुलपति प्रो. वी.के. सारस्वत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। अतिविशिष्ट अतिथियों में छत्तीसगढ़ बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा, थावे विद्यापीठ विश्वविद्यालय बिहार के कुलपति एवं छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार पाठक तथा छत्तीसगढ़ राज्य हस्तशिल्प विकास बोर्ड, रायपुर की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी सिंह राजपूत शामिल हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता महर्षि विश्वविद्यालय, मंगला के कुलपति डॉ. नरेश कुमार तिवारी करेंगे।
इसके अलावा संरक्षक एवं पूर्व आईएएस अधिकारी डॉ. रमेश चंद्र श्रीवास्तव, भारतीय थल सेना से आ. महेंद्र सिंह राणा, सुप्रसिद्ध कवयित्री, लेखिका एवं समीक्षक डॉ. अनीता सिंह, समाजसेवी एवं उद्योगपति शैलेन्द्र सिंह कछवाहा तथा एसईसीएल के सेवानिवृत्त अभियंता और मार्गदर्शक-सलाहकार अशोक शर्मा की उपस्थिति रहेगी।
साहित्य के साथ सामाजिक सरोकारों को मिलेगा बढ़ावा
आयोजन के संरक्षक डॉ. रमेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि साहित्य समाज की आत्मा और संस्कृति उसकी पहचान है। साहित्यिक आयोजनों के माध्यम से जब राष्ट्रभक्ति, सामाजिक दायित्व और सेवा की भावना को बढ़ावा मिलता है, तो समाज में सकारात्मक बदलाव की राह मजबूत होती है।
मार्गदर्शक एवं सलाहकार अशोक शर्मा ने कहा कि ज्ञान, संस्कार और सेवा समाज की प्रगति के प्रमुख आधार हैं। मेधावी छात्राओं और समाजसेवा में जुटे लोगों का सम्मान नई पीढ़ी को प्रेरित करने के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करेगा।
कार्यक्रम संयोजक ओजस्वी कवि दीपक दुबे ‘सागर’ ने कहा कि धरा वंदन साहित्य, संस्कृति, राष्ट्र और समाज सेवा के प्रति समर्पित मंच है। इसका उद्देश्य नवोदित प्रतिभाओं को वरिष्ठ साहित्यकारों का मार्गदर्शन उपलब्ध कराना तथा देशभक्ति और सांस्कृतिक चेतना को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने साहित्य और सेवा के इस अभियान से अधिक से अधिक लोगों को जुड़ने का आह्वान किया।
सह-संयोजक विक्रम सिंह सेंगर ने कहा कि यह आयोजन साहित्यिक अभिव्यक्ति के साथ सामाजिक संवेदना का उत्सव भी है। कविता और विचारों के माध्यम से युवा पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम, भारतीय संस्कृति और समाज के प्रति कर्तव्यबोध को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
पुस्तक विमोचन और कवि सम्मेलन रहेगा आकर्षण
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ‘संत और सिपाही :
छत्तीसगढ़ साझा संकलन’ का विमोचन और भव्य कवि सम्मेलन होगा। इसमें कवि एवं साहित्यकार अपनी रचनाओं के माध्यम से सामाजिक सरोकारों, राष्ट्रभक्ति और भारतीय संस्कृति के विभिन्न आयामों को प्रस्तुत करेंगे। साथ ही मेधावी छात्राओं, गौ संरक्षण में जुटे लोगों और समाजसेवियों का सम्मान किया जाएगा।
धरा वंदन छत्तीसगढ़ साहित्य एवं संस्कृति मंच ने साहित्यकारों, कवियों, शिक्षाविदों, विद्यार्थियों और संस्कृति प्रेमियों से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है।
कार्यक्रम स्थल: महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, मंगला, बिलासपुर
दिनांक: रविवार, 25 अक्टूबर 2026
समय: सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक
संयोजक: दीपक दुबे ‘सागर’
सह-संयोजक: विक्रम सिंह सेंगर







